जालंधर। JALANDHAR CORPORATION : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संगठन जालंधर के महासचिव अशोक वाल्मीकि ने यहाँ एक बैठक में पंजाब सरकार का ध्यान एक अहम मुद्दे की तरफ दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार शहर की सफाई और सुंदरता बनाये रखने के आदेश की आड़ में सफाई कर्मचारियों को दिमागी परेशान कर रही है जो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ही मुलाजिम बहुत ही कम संसाधनों में अपना काम कर रहे हैं ऐसे में उनको प्रताड़ित करना उचित नहीं है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि नगर निगम जालंधर के मेयर विनीत धीर और आदरणीय कमिश्नर साहब जी यह अच्छी तरह जानते हैं कि शहर को लगभग 10000 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है मगर काम केवल 1400 के करीब सफाई कर्मचारी से ही चल रहा है।
हर रोज सुबह 7:00 बजे से लेकर रात 9:00 बजे तक कर्मचारियों को रोक के रखना ठीक नहीं। उन्होंने कहा, हर रोज एक नया कर्मचारी हाजिरी चैक करने आता है उसके बाद उन्हें काम पर जाने की अनुमति देना कहीं ना कहीं यह दर्शा रहा है कि जालंधर नगर निगम सफाई कर्मचारियों को बंधुआ मजदूर जैसे हालात में रखना चाहता है।
अशोक वाल्मीकि ने कहा, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संगठन जालंधर पंजाब सरकार से अपील करता है कि पंजाब को सुंदर और साफ सुथरा बनाने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान कूड़ा लिफ्टिंग पर होना चाहिए। साथ ही सफाई कर्मचारियों की पक्की भर्ती करना भी जरूरी है क्योंकि ठेके पर काम कर रहे किस भी कर्मचारी की किसी भी तरह की कोई जवाब देही नहीं बनती है।
संगठन की इस मीटिंग में सीनियर वाइस प्रधान हरदेव नाहर, संगठन के अध्यक्ष अश्वनी मट्टू, राजकुमार भट्टी एग्जीक्यूटिव मेंबर राजेश सोंधी और कल्याण आदि शामिल हुए।





