Nepal Floods – Climate Change को नज़रअंदाज़ करना अब पड़ रहा है भारी
Nepal Floods – नेपाल में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए बर्फ और चट्टानों के बड़े हिमस्खलन के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलनों ने भारी तबाही मचाई है। 3 सितंबर तक नेपाल में 1,252 लोगों की मौत हो चुकी है और 4,216 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
पड़ोसी तिब्बत (चीन) में भी 21 मौतें और 541 लोगों के लापता होने की खबर है। दोनों क्षेत्रों में मिलाकर मृतकों की संख्या 1,273 तक पहुंच गई है, जबकि लापता लोगों की संख्या 4,757 है।
नेपाल में अब तक करीब 12,000 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। कई इलाकों में सड़कें और पुल बह जाने के कारण राहत सामग्री पहुंचाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सबसे बड़ी चिंता हाइड्रोपावर परियोजनाओं के सुरंगों में फंसे लोगों को लेकर है। वहीं, हजारों घरों के तबाह होने के बाद नेपाल के सामने बचाव के साथ बड़े पैमाने पर पुनर्वास और पुनर्निर्माण की चुनौती भी खड़ी हो गई है।





