फगवाड़ा। LPU-Lovely Professional University में पिछले करीब 15-20 घंटे से जारी तनाव और प्रदर्शन के बाद अब बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। यूनिवर्सिटी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद कर दी हैं, जबकि मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को अभिभावकों से सलाह करके घर जाने की अनुमति दी है।
हालात कुछ सामान्य होते ही स्टूडेंट्स अपने सामान के साथ यूनिवर्सिटी के गेट पर दिखाई दिए। जिन छात्रों के अभिभावक उन्हें लेने पहुंचे, वे उनका इंतजार करते नजर आए, जबकि अन्य छात्र ट्रेन, बस और निजी टैक्सियों के जरिए अपने-अपने घरों के लिए रवाना होने लगे हैं। कई अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी पढ़ाई को लेकर भी चिंतित हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि जो घर नहीं जा सकते, वो अगर हॉस्टल में हैं या फिर कहीं और, वो बिना वजह बाहर न निकलें।
दरअसल, LPU में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न को लेकर सोशल मीडिया पर दावे सामने आने के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था। छात्रों की ओर से आरोप लगाया गया कि एक बाहरी व्यक्ति गर्ल्स हॉस्टल-3 में पहुंचा और वहां एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच के लिए SIT गठित की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक CCTV, फॉरेंसिक और फोन डेटा सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
वहीं, LPU प्रशासन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा और निराधार बताया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि कुछ तत्व अफवाहें फैला
रहे हैं। रविवार से बिगड़े हालात को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई और यूनिवर्सिटी के बाहर जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर भी स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम होने की घटनाएं सामने आई थीं।

अभिभावकों की चिंता : पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर सवाल
स्टूडेंट्स के घर लौटने के बीच अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि साल के महत्वपूर्ण समय में मिड-टर्म परीक्षाएं स्थगित होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर यूनिवर्सिटी परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही होती है तो छात्र -छात्राओं की जान माल, और उनके सामान, लैपटॉप तथा अन्य कीमती सामान की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
LPU में बड़ी संख्या में छात्राएं पढ़ती हैं और हॉस्टल सुरक्षा को लेकर प्रदर्शनकारियों ने भी कई मांगें उठाई हैं, जिनमें गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और हॉस्टल अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल है।
पंजाब में निजी यूनिवर्सिटियों की सुरक्षा पर बहस तेज
LPU घटनाक्रम से एक दिन पहले राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में भी सोशल मीडिया पर दो छात्राओं की कथित आत्महत्या से जुड़ी अपुष्ट खबरों के बाद छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। लगातार 2 निजी यूनिवर्सिटियों में छात्रों के सड़कों पर उतरने और पुलिस हस्तक्षेप से पंजाब में निजी विश्वविद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं और प्रशासन की ओर से छात्रों के साथ समय पर संवाद न होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
उधर, पंजाब की विपक्षी पार्टियों ने LPU प्रकरण को लेकर राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन का जोर इस बात पर है कि जांच पूरी होने तक अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न किया जाए और छात्रों से शांति से अपनी बात रखने की अपील की जाए।





