जालंधर। Rajinder Pardesi yadgari award : साहित्य कला अते सभ्याचार मंच की तरफ से केंद्री पंजाबी लेखक सभा सेखों के सहयोग से आज मंच के संस्थापक प्रधान राजिंदर परदेसी की याद में कवयित्री सविंदर संधू को राजिंदर परदेसी यादगारी अवॉर्ड दिया गया। यह सम्मान सविंदर संधू को साहित्य के क्षेत्र में दिए गए उनके बहुमूल्य योगदान को देखते हुए दिया गया।
इस बार यह पांचवां सम्मान था। इससे पहले सुरजीत साजन, नक्काश चित्तेवानी, जगदीश राणा और सुरिंदरजीत घड़िया जी को इस अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। आज के कार्यक्रम में पंजाब भर से लेखकों, नावलकारों और कवि/कवियित्रियों ने हिस्सा लिया।

लगभग सभी लोगों ने अपनी रचनाएँ सुनाईं। गुरचरन कौर कोचर जी परदेसी जी को याद करते हुए भावुक हो गईं। गुलशन जी ने ग़ज़ल गाकर सुनाई और खूब वाहवाही लूटी। सभी वक्ताओं ने परदेसी जी को याद किया और उनके बेटे तजिंदर मनचंदा की तारीफ की कि सभी बच्चे मां- बाप की जमीन जायदाद सँभालने में लग जाते हैं लेकिन विरले ही होते हैं जो माता -पिता की लिखित धरोहरों को सँभालते हैं। राजिंदर परदेसी जी का बेटा यह काम बखूबी कर रहा है।

प्रधानगी मंडल में प्रोफेसर संधू वरियानवी, कुलदीप सिंह बेदी, डॉ कँवल भल्ला, नवतेज गढ़दीवाला, जगदीश राणा और प्रोफेसर बलदेव सिंह बल्ली शामिल थे। कार्यक्रम की यादगारी तस्वीरों को नक्काश चित्तेवानी जी ने अपने कैमरे में क़ैद किया। जिन लोगों ने समारोह की शोभा बढ़ाई उनमें क़ीमती कैसर, जगदीश डालिया, मंजीत जी आदि थे।





