By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Telescope TimesTelescope TimesTelescope Times
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Reading: Kidney Racket : विटनेस विंडो खोलने के लिए सेशन कोर्ट में Appeal दायर
Share
Font ResizerAa
Telescope TimesTelescope Times
Search
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Have an existing account? Sign In
Follow US
Telescope Times > Blog > Cover Story > Kidney Racket : विटनेस विंडो खोलने के लिए सेशन कोर्ट में Appeal दायर
Cover Story

Kidney Racket : विटनेस विंडो खोलने के लिए सेशन कोर्ट में Appeal दायर

The Telescope Times
Last updated: March 2, 2026 5:31 pm
The Telescope Times Published March 2, 2026
Share
Kidney Racket
SHARE

Kidney Racket Case में क्यों नहीं होने दी जा रहीं अहम गवाहियां, किसको है सबसे ज्यादा डर

Kidney Racket – जालंधर। लगभग 11 साल पहले हुए हाई प्रोफाइल किडनी रैकेट में एक अपडेट आया है जो आरोपी डॉक्टरों राजेश अग्रवाल, डॉ संजय मित्तल और अन्य डॉक्टरों/ प्रबंधकों को को परेशानी में डाल सकता है। वो है -विटनेस विंडो खोलने के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर दी है। 

Contents
Kidney Racket Case में क्यों नहीं होने दी जा रहीं अहम गवाहियां, किसको है सबसे ज्यादा डरKidney Racket – किडनी ट्रांसप्लांट बिना NOC लिए कियेKidney Racket –  11 साल बीत जाने के बाद भी सौदागर चंद की गवाही नहीं हुईKidney Racket – दोबारा कैसे मिला ऑर्गन ट्रांसप्लांट का लाइसेंस ?Kidney Racket – गवाही न होने का फायदा किसको

मालूम हो कि इससे पहले इस विंडो को कोर्ट की जज मीनाक्षी गुप्ता की तरफ से बंद कर दिया गया था। बाद में उन्होंने निजी कारणों का हवाला दे खुद को इस केस से अलग भी कर लिया था। हालाँकि इस केस में अगर सभी की गवाही हो जाती तो सारा सच सामने आ जाता।

Kidney Racket – अब जब दुबारा से पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने गवाह बुलाने के लिए सेशन कोर्ट में अपील दायर की है तो आम लोगों का अदालतों पर भरोसा जागा है कि अभी भी न्याय मिल सकता है।

Kidney Racket : Order Dated : 21-02-26

Kidney Racket – किडनी ट्रांसप्लांट बिना NOC लिए किये

सनद रहे DRMEके सुपरिंटेंडेंट सौदागर चंद ने पुलिस को कई पेजों का बयान दिया था जिसमें साफ़ साफ़ लिखा था कि डॉ राजेश अग्रवाल, डॉ संजय मित्तल और अन्य डॉक्टरों/ प्रबंधकों को इललीगल किडनी ट्रांसप्लांट में दोषी पाया जाता है। इन्होंने कई किडनी ट्रांसप्लांट बिना NOC लिए किये हैं। इसके चलते नेशनल किडनी हॉस्पिटल के इन डॉक्टरों का लाइसेंस भी रद्द हुआ था। ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण गवाही थी क्योंकि DRME सरकार की एक रेगुलेटरी बॉडी है जो इस तरह के मामलों की जांच करती है और ऑर्गन ट्रांसप्लांट का लाइसेंस देती है। हालाँकि गड़बड़ी का शक DRME पर भी उठ रहा है क्योंकि बाद में इस बॉडी ने आरोपी डॉक्टर को लाइसेंस फिर से दे दिया।

अब आम जनता में चर्चा है कि दशक बीत जाने के बाद भी केस में अभी तक कई अहम गवाहियां क्यों नहीं हो पाईं हैं। शिकायतकर्ता और खुद सरकारी वकील भी बेबस ही नज़र आ रहे हैं। ऐसा क्यों है ? कहाँ से और कैसे सब कुछ मैनेज हो रहा है। ऐसे कई सवाल पुलिस प्रशासन, न्यायालय और हेल्थ डिपार्टमेंट की कारगुजारी को शक के घेरे में खड़ा करते हैं।  

Kidney Racket –  11 साल बीत जाने के बाद भी सौदागर चंद की गवाही नहीं हुई

पुलिस और कोर्ट से मिले डॉक्यूमेंट के अनुसार, जब 2015 में किडनी कांड का पर्दाफाश हुआ तब कानून के मुताबिक DRME को किडनी कांड से जुड़े डॉक्टरों और हॉस्पिटल की रिपोर्ट बनाने कि लिए कहा गया, और यह भी देखने के लिए कि उक्त रैकेट में शामिल डॉक्टरों ने क्या सभी नियमों का पालन किया है या नहीं ? अगर नहीं किया है तो उनके ऊपर मुकदमा चलाया जाये। इसकी रिपोर्ट / गवाही DRME की तरफ से सुपरिंटेंडेंट सौदागर चंद ने दी।

अब ऐसा क्या है जो आज तक यानी कि 11 साल बीत जाने के बाद भी सौदागर चंद की गवाही नहीं हुई है। यही नहीं इसी लेट लतीफी का फायदा उठा कर आरोपी डॉक्टर बड़े आराम से दोबारा लाइसेंस लेकर सर्वोदय हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट कर रहे हैं।

Kidney Racket – दोबारा कैसे मिला ऑर्गन ट्रांसप्लांट का लाइसेंस ?

इस पूरे मामले में हैरानी की बात यह है कि सौदागर चंद का नाम पुलिस चालान में तो था मगर किसी तरह से विटनेस लिस्ट से गायब कर दिया गया या करवा दिया गया। इसी का बहाना बना आज तक इस गवाह को अपनी बात कहने की मंजूरी नहीं मिली। अब अगर इसी डिपार्टमेंट DRME ने दोबारा किडनी रैकेट के आरोपियों को सर्वोदय अस्पताल में ट्रांसप्लांट करने का लाइसेंस दिया है तो ज़ाहिर है कि किसी न किसी नियम का पालन किया होगा। DRME के नियमों में लिखा है कि अगर कोई भी TOHO एक्ट का पालन नहीं करता है तो उसको लाइसेंस नहीं मिलेगा। आरोपी डॉक्टर TOHO एक्ट के तहत दोषी पाए गए थे।

अब जब सारी परतें खुल रहीं हैं तो खुद DRME या इसके अधिकारी या खुद सौदागर चंद भी नहीं चाहते होंगे कि उनकी गवाही हो। ऐसे में यह सच भी लोगों के सामने आना चाहिए कि किडनी कांड में नामजद डॉक्टरों आदि को दोबारा लाइसेंस देते हुए किन रूल्स को फॉलो किया गया ?

Kidney Racket – गवाही न होने का फायदा किसको

DRME या सौदागर चंद का पीछे हटना तो फिर समझ में आता है मगर अदालत पर किसका दबाव है ? सिर्फ सौदागर चंद ही नहीं बल्कि अन्य कई गवाहों को भी इस केस में अपना पक्ष रखने की मंजूरी नहीं दी गई थी। विटनेस लिस्ट बहुत जल्दबाज़ी में बंद की गई। प्रॉसिक्यूशन इस फैसले के विरोध में या यूँ कहें कि जरूरी गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज करवाने की अर्ज़ियाँ लगा रहा है जिन्हें 2 बार रिजेक्ट कर दिया गया है। अब प्रश्न है कि न्यायालय क्यों नहीं चाहता कि इन गवाहों की गवाही हो? इससे किसे नफा या नुकसान हो सकता है।

फिर भी पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को दाद मिलनी चाहिए जिन्होंने सेशन कोर्ट में अपील दायर की है विटनेस विंडो को ओपन किया जाये और गवाहियां करवाईं जाएँ।

Kidney Racket : Part of Saudagar Chand’s Statement

कानूनी विशषज्ञों की मानें तो स्पष्ट है कि अगर DRME के सौदागर चंद की गवाही हो जाती है तो आरोपी डॉक्टरों पर लगे आरोप सच सिद्ध हो जायेंगे और वो दोषी माने जायेंगे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में भी लिखा है कि वो जब भी जरुरत होगी वो यह सच और बयान कोर्ट में बताने को तैयार हैं। 

Kidney Racket –

Kidney Racket की सुनवाई आज, क्या डॉक्टर राजेश अग्रवाल के पास जमानत है ?

https://telescopetimes.com/category/cover-story-news

You Might Also Like

Kidney Racket, सर्वोदय अस्पताल में ठगी की सुनवाई Same Day, क्या होगी डॉ. राजेश अग्रवाल की गिरफ्तारी ?

Kidney Racket की सुनवाई आज, क्या डॉक्टर राजेश अग्रवाल के पास जमानत है ?

जान खतरे में : Air India के ज्यादातर जहाजों में खराबी, बाकी एयरलाइन्स भी ठीक नहीं – Govt

क्या Ravidassia समाज BJP का मान रख पाएगा

Big Breaking : हम नहीं सुधरे तो अगली गर्मियां जानलेवा होंगी : रिसर्च

TAGGED:Kidney RacketKidney scam
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
newsletter featurednewsletter featured

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
Book Release
Art & Cinema

Book Release : अच्छा लेखन वही जिससे समाज को लाभ मिले : डॉ. रीता बहुगुणा जोशी

The Telescope Times The Telescope Times February 17, 2026
बाइक की बस से टक्कर, चब्बेवाल के दो युवकों की मौत
1000 की भीड़ ने टीम पर किया था हमला, फोन और पैसे भी लूटे – ED
PSWC & Punjab Child Rights आयोग ने 01 महिला और 03 लड़कियों के साथ बदतमीजी पर किया लुधियाना का दौरा
Nepal Protest – कहीं अमेरिका दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन का खेल तो नहीं खेल रहा, जानिए Gen Z आंदोलन की पूरी दास्ताँ
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

INDIA

Confirmed

45M

Death

533.3k

More Information:Covid-19 Statistics

About US

The Telescope is an INDEPENDENT MEDIA platform to generate awareness among the masses regarding society, socio-eco, and politico.

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2023 Telescopetimes. All Rights Reserved.
  • About
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?