जालंधर। नेशनल डेस्क। SAMRAT CHOUDHRAY भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं जो बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वो अपनी पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के सुप्रीमो नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।
परिवार का इतिहास
16 नवंबर, 1968 को जन्म हुआ। SAMRAT CHOUDHRAY ने बहुत कम उम्र में राजनीति शुरू की। राजनीति को कम उम्र में ही समझना शुरू कर दिया था। उनके पिता शकुनी चौधरी भी बिहार की बड़ी राजनीतिक पहचान रहे। नीतीश कुमार ने लव-कुश समीकरण के साथ जनता दल से अलग होकर समता पार्टी की स्थापना की तो ‘कुश’ चेहरा के रूप में शकुनी चौधरी बड़ा नाम रहे। वो न तो कभी संघी रहे और न ही शुरू से बीजेपी से जुड़े हैं फिर भी एक्टिव रहे, यही काम आया।
शकुनी लंबे समय तक मंत्री रहे। SAMRAT CHOUDHRAY को राजनीति में आए हुए अब करीब 35 साल हो चुके हैं। सम्राट के बड़े भाई रोहित चौधरी जदयू के साथ हैं, लेकिन काम शिक्षा के क्षेत्र में कर रहे हैं। छोटे भाई धर्मेंद्र चौधरी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। सम्राट की पत्नी ममता चौधरी चुनाव के दौरान जनसंपर्क में भी दिखी थीं। तीन बहनें हैं। एक की मौत हो चुकी है।
जब उन्होंने नई पारी भाजपा के साथ शुरू की तो उनकी पढ़ाई की बात सामने आई उन्होंने शपथ पत्र में जिस डिग्री का जिक्र किया उसके मान्य नहीं होने का आरोप सुर्खियों में रहा। हालाँकि बहुत ज्यादा प्रभाव कहीं भी नहीं पड़ा न तो निजी जीवन में और न ही राजनीति में।
पहचान तारापुर
इस बार वो बिहार विधानसभा की तारापुर सीट से विधायक बने हैं। तारापुर मुंगेर जिले में है। वो मूल रूप से मुंगेर जिले के तारापुर में ही लखनपुर के हैं। मुंगेर जिला पहले बहुत बड़ा था, जिस में बेगूसराय, खगड़िया, शेखपुरा, लखीसराय आदि आते थे। शकुनी की पहचान तारापुर के कारण मुंगेर से खगड़िया तक है। इन इलाकों के लोग इन पर भरोसा करते हैं।

नीतीश की पसंद
लालू प्रसाद यादव, यादवों पर केंद्रित रहे। नीतीश की शुरुआत कुर्मी-कोइरी राजनीति से हुई थी। नीतीश कुर्मी हैं और सम्राट कोइरी। सम्राट महागठबंधन के शासनकाल में नीतीश के विरोधी थे। जैसे ही भाजपा की सरकार 2020 के जनादेश के तहत लौटी तो सम्राट, नीतीश के साथ हो गए।
मोदी के जाने के बाद तरक्की
सम्राट ने राजनीति राष्ट्रीय जनता दल से सीखी। राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री रहे। 2018 से पहचान भाजपाई है। 2020 में चुनाव के बाद सुशील कुमार मोदी को भाजपा ने बिहार से दिल्ली भेजा तो सम्राट के लिए राहें खुल गईं। सम्राट चौधरी ने इसके बाद मुड़कर नहीं देखा। 2019 में जब नित्यानंद राय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे तो सम्राट को डिप्टी बनाया गया।
2020 में जब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी तो सम्राट विधान परिषद् सदस्य बनाए गए। नीतीश कुमार कुछ समय के लिए महागठबंधन के मुख्यमंत्री बन गए तो विधान परिषद् सदस्य सम्राट चौधरी उनके सामने नेता प्रतिपक्ष के रूप में नजर आए। वह नीतीश के सबसे बड़े विरोधी नजर आने लगे। फिर संगठन ने उन्हें 2023 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी। जनवरी 2024 में महागठबंधन छोड़ नीतीश NDA के साथ लौट आए तो सम्राट चौधरी को भाजपा ने विधायक दल का नेता चुना। वह उप मुख्यमंत्री बने। 2025 के बिहार चुनाव के बाद कुर्सी साथ रही।
आइए जानते हैं कि बिहार कैबिनेट में कौन से नाम नए मंत्री बन सकते हैं :
Samrat Choudhary: Chief Minister
Vijendra Prasad Yadav and Vijay Kumar Chaudhary: Deputy CM
Possible ministers from JDU quota
- Shravan Kumar
- Ashok Chaudhary
- Lesi Singh
- Madan Sahni
- Jama Khan
- Sunil Kumar
- Probable Ministers From BJP
- Vijay Kumar Sinha
- Mangal Pandey
- Ramkripal Yadav
- Dilip Jaiswal
- Shreyasi Singh
- Lakhendra Paswan
- Rama Nishad
- Pramod Kumar Chandravanshi
- Arun Shankar Prasad
- Sanjay Singh ‘Tiger’
- Names Likely From NDA Allies
- Santosh Kumar Suman (HAM)
- Sanjay Paswan (LJP)
- Sanjay Kumar Singh (LJP)
- Deepak Prakash (RLM)





