Fortis Mohali – रीढ़ की बीमारियों की समय पर पहचान जरूरी
जालंधर, 30 अप्रैल: रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे बच्चों और युवाओं के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली से राहतभरी खबर सामने आई है। अस्पताल के स्पाइन विशेषज्ञों ने कई जटिल मामलों का सफल इलाज कर मरीजों को नया जीवन देने का दावा किया है।
अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स स्पाइन विभाग के स्कोलियोसिस डिवीजन के अनुसार, डॉ. दीपक जोशी और उनकी टीम ने काइफोसिस, स्कोलियोसिस और जन्मजात रीढ़ विकारों से पीड़ित मरीजों की चुनौतीपूर्ण सर्जरी कर बेहतर परिणाम हासिल किए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जालंधर की 5 वर्षीय बच्ची जन्म से ही कमर के नीचे रीढ़ के टेढ़ेपन की समस्या से पीड़ित थी। रीढ़ का निचला हिस्सा सही ढंग से विकसित न होने के कारण उसकी कमर में कूबड़ बन गया था। विशेषज्ञ टीम ने करीब चार घंटे चली सर्जरी के दौरान प्रभावित हड्डी को ठीक कर रीढ़ को सीधा किया और स्क्रू की सहायता से उसे स्थिर किया।
Fortis Mohali – सर्जरी के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ ही दिनों में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इसी तरह 19 वर्षीय युवती का भी सफल ऑपरेशन किया गया, जो स्कोलियोसिस से पीड़ित थी। इस बीमारी में रीढ़ एक ओर मुड़ जाती है, जिससे शरीर का आकार असंतुलित दिखाई देता है। डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे चली सर्जरी के बाद मरीज को राहत दी। बताया गया कि ऑपरेशन के बाद युवती की लंबाई में लगभग तीन इंच तक सुधार दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि रीढ़ की ऐसी बीमारियों की समय पर पहचान बेहद जरूरी है। यदि इलाज में देरी हो जाए तो इसका असर दिल और फेफड़ों तक पर पड़ सकता है। शुरुआती अवस्था में कुछ मामलों का उपचार ब्रेस से संभव है, जबकि गंभीर स्थिति में सर्जरी ही विकल्प बनती है।
फोर्टिस मोहाली का कहना है कि अस्पताल में आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं के साथ इस तरह की जटिल सर्जरी की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
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