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चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान विपक्ष ने बड़ा मुद्दा उठाते हुए CM सहित सभी विधायकों का तत्काल अल्कोमीटर और डोप टेस्ट कराने की मांग की है। यह मांग कांग्रेस विधायक दल (CLP) की ओर से नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा स्पीकर को लिखे पत्र में की है।
पत्र में कहा गया है कि आज सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने मुख्यमंत्री के आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद विपक्ष ने सदन की गरिमा, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कदम उठाने की मांग की।
प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर से मांग की कि एक घंटे के भीतर मुख्यमंत्री से शुरुआत करते हुए सदन में मौजूद सभी सदस्यों का अनिवार्य अल्कोमीटर टेस्ट कराया जाए। साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सभी विधायकों का डोप टेस्ट भी बिना किसी भेदभाव के कराया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया कि इन जांचों के लिए पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI), चंडीगढ़ की स्वतंत्र मेडिकल टीम तैनात की जाए, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्यमंत्री इन आरोपों पर सफाई नहीं देते और प्रस्तावित टेस्ट प्रक्रिया में शामिल नहीं होते, तब तक कांग्रेस विधायक दल सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेगा।
इन विपक्षी नेताओं ने मांग का समर्थन किया:
- प्रताप सिंह बाजवा (नेता प्रतिपक्ष)
- सुखपाल सिंह खैरा
- अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग
- त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा
- सुखविंदर सिंह कोटली
- परगट सिंह
- कुलजीत सिंह नागरा
- विक्रमजीत सिंह चौधरी
- और अन्य कांग्रेस व विपक्षी विधायक
विपक्ष ने कहा कि पंजाब की जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से मर्यादित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा रखती है तथा विधानसभा की गरिमा हर हाल में कायम रहनी चाहिए।


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