साहिबज़ादा अजीत सिंह नागर। Shamsher Purkhalvi : पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, जो ढाई महीने से करप्शन के आरोप में हरियाणा के गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद हैं, की रिहाई की मांग को लेकर 15 अगस्त से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। समाजसेवी संगठन दलित चेतना मंच पंजाब के प्रेसिडेंट शमशेर पुरखालवी ने यह बात कही है।
इस मामले में उन्होंने प्रेस को लिखित बयान जारी किया है। शमशेर पुरखालवी ने कहा कि जब किसी सरकारी कर्मचारी पर कोई गंभीर या छोटा जुर्म का आरोप लगता है, तो सरकार उसे इंडियन पीनल कोड के रूल 8 और अपील रूल्स 1970 के तहत तुरंत सस्पेंड कर देती है। लेकिन, पंजाब सरकार में एक प्रतिष्ठित पद पर तैनात कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के करप्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में जेल में होने के बावजूद AAP सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की खुलेआम अनदेखी कर रही है।
आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर एक तरफ तो नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग में कॉकरोच जनता पार्टी का खुलकर साथ दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वह अपने बेईमान मंत्री के साथ बैठे हैं, जो देश के संविधान को सीधी चुनौती है।
दलित नेता शमशेर पुरखालवी ने कहा कि वादे के मुताबिक केजरीवाल को देश की पारंपरिक राजनीति में मील का पत्थर साबित करने के बजाय पार्टी के नेता पूरी तरह से गंदी राजनीति में डूब गए हैं, जिसकी वजह से पंजाब के लोगों को दिखाए गए सुनहरे सपनों का दिनदहाड़े कत्ल हो गया है।
दलित नेता पुरखालवी ने “आप” पार्टी को चेतावनी दी कि वे संजीव अरोड़ा को तुरंत पंजाब कैबिनेट से बर्खास्त करें, नहीं तो वे 15 अगस्त 2026 से सुबह 11 बजे मोहाली के डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के बाहर भूख हड़ताल पर तब तक बैठेंगे, जब तक उनकी मौत नहीं हो जाती, जिसकी पूरी और अकेली जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।





