Garbage Crisis :
जालंधर, 24 अगस्त 2026:
जालंधर शहर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। शहर के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से कूड़ा नहीं उठाए जाने के कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। इसी स्थिति का जायजा लेने के लिए जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार को अर्बन एस्टेट क्षेत्र पहुंचे।
अर्बन एस्टेट में सड़कों के किनारे और आसपास बड़ी मात्रा में जमा कूड़ा देखकर चन्नी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेर के पास एक मिनट खड़े होकर सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, तो ऐसे हालात में स्थानीय लोग किस तरह रह रहे होंगे। उन्होंने शहर में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
Garbage Crisis : चन्नी ने आरोप लगाया कि जालंधर में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बनाए रखने में सरकार और प्रशासन विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों को गंदगी, बदबू और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के बीच रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेता परगट सिंह भी मौके पर पहुंचे और आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर की खराब सफाई व्यवस्था प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
₹607 करोड़ के प्रोजेक्ट को लेकर विवाद
जालंधर में सफाई कर्मचारियों की मौजूदा हड़ताल का एक प्रमुख कारण नगर निगम द्वारा मंजूर किया गया लगभग ₹607 करोड़ का Integrated Solid Waste Management Project है। सफाई कर्मचारी यूनियनें इस परियोजना का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि कचरा प्रबंधन का काम निजी कंपनी को सौंपा गया तो मौजूदा सफाई कर्मचारियों की नौकरियों और भविष्य पर असर पड़ सकता है। यूनियनें 1,196 कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग भी कर रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इस परियोजना के तहत घर-घर से कूड़ा उठाने और उसके प्रसंस्करण की जिम्मेदारी निजी कंपनी BVG India Limited को देने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹600 करोड़ बताई गई है और इसे कई वर्षों के लिए लागू किया जाना है।
Garbage Crisis : कई इलाकों में हालात खराब
हड़ताल का असर केवल अर्बन एस्टेट तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक Tanda Road, Nakodar Road, Partap Bagh और Plaza Chowk सहित कई इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हैं। Tanda Road पर कूड़ा सड़क तक फैलने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
23 अगस्त की रिपोर्ट में भी बताया गया कि पिछले चार-पांच दिनों से कूड़ा उठाने का काम प्रभावित होने के कारण शहर में जगह-जगह कचरा जमा हो गया है और इससे बदबू तथा बीमारी फैलने की आशंका बढ़ रही है।
Garbage Crisis : निगम का पक्ष
नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि ने कहा है कि निगम यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहा है और कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्तावित परियोजना के कारण नगर निगम के किसी कर्मचारी को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। निगम ने हड़ताल के दौरान कुछ क्षेत्रों में कूड़ा उठाने के लिए निजी ठेकेदारों से भी संपर्क किया है।
फिलहाल, शहर में एक तरफ सफाई कर्मचारियों और निगम के बीच परियोजना तथा रोजगार को लेकर विवाद जारी है, जबकि दूसरी तरफ इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। सड़कों पर जमा कूड़ा न केवल शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों के सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में रहने के अधिकार को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।
Garbage Crisis :
Photo Credit – Malkiat Singh (Tribune)





