मुंबई। TATA SONS : कहते हैं जितना बड़ा सर, उतनी बड़ी पीड़ा। जी हाँ, टाटा के कारोबार को सम्भालने के लिए एक कंपनी प्रमुख नहीं मिल रहा। सुई से लेकर जहाज तक के इस बिज़नेस को चलना कोई आम बात नहीं है। अभी भी बहुत से विरोध सुनने में आ रहे पर इसी बीच टाटा संस के बोर्ड की बैठक 17 सितंबर को होने की संभावना है। यह बैठक तब हो रही है जब चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल खत्म होने पर दोबारा नियुक्ति न लेने और पद छोड़ने का फैसला किया है।
बोर्ड की यह बैठक तब तय हो गई थी जब चंद्रा ने 12 अगस्त को अपना फैसला सार्वजनिक नहीं किया था। सूत्रों का कहना है कि हालांकि बैठक के एजेंडे में चंद्रा के पद छोड़ने का मुद्दा शामिल नहीं है, लेकिन इस विषय पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चंद्रा का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म होगा। मौजूदा चेयरमैन ने बताया था कि बोर्ड का एक सदस्य उन्हें नमक से लेकर सेमीकंडक्टर तक का कारोबार करने वाली इस बड़ी होल्डिंग कंपनी के प्रमुख के तौर पर तीसरे कार्यकाल के लिए सहमत नहीं था।
TATA SONS के बोर्ड में चंद्रशेखरन, नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, हर्ष मनवानी, अनीता एम. जॉर्ज और सौरभ अग्रवाल शामिल हैं। नोएल टाटा को छोड़कर बाकी सभी ने चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल का समर्थन किया था।
नए चेयरमैन की तलाश रुकी हुई है क्योंकि टाटा संस के प्रमुख शेयरधारकों में से एक, सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) पर कानूनी रोक लगी हुई है।
SRTT का बोर्ड बैठक नहीं कर पा रहा है क्योंकि महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर (राज्य में ट्रस्टों के रेगुलेटर) ने उस पर रोक लगा रखी है।
टाटा संस के ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ के अनुसार, SRTT और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) को मिलकर उस सिलेक्शन कमेटी के लिए सदस्यों को नॉमिनेट करना होता है जो टाटा संस के चेयरमैन के नाम की सिफारिश करती है।
दोनों ट्रस्टों को मिलकर एक प्रतिनिधि भी नॉमिनेट करना होता है जो टाटा संस की सालाना आम बैठक (AGM) में हिस्सा ले सके।
चूंकि SRTT, SDTT के साथ मिलकर नॉमिनेशन नहीं कर सका, इसलिए 18 अगस्त को AGM को स्थगित कर दिया गया।
सूत्रों ने कहा, “फिलहाल गतिरोध बना हुआ है क्योंकि रोक के कारण SRTT का कामकाज प्रभावित है, लेकिन सितंबर में कुछ राहत मिल सकती है।”





