Judge Booked –लोग बोले, खुद ही ऐसा करेंगे तो क्या होगा समाज का
Judge Booked -कोच्चि सिटी पुलिस ने सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रिनो फ्रांसिस के खिलाफ मामला दर्ज किया। रविवार को कोच्चि के चेरानाल्लूर के पास एक सड़क दुर्घटना में इस जज के नाबालिग बेटे की गाड़ी की चपेट में आने से एक स्ट्रीट फूड विक्रेता की मौत हो गई थी।
इरिनजालकुडा में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल में तैनात न्यायाधीश, रिनो फ्रांसिस पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस धारा के अनुसार, यदि कोई नाबालिग अपराध करता है, तो वाहन के संरक्षक या पंजीकृत मालिक को उस अपराध के लिए दोषी माना जाता है।
पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के 2 से 3 बजे के बीच, 17 वर्षीय लड़के द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार ने जयाबालकृष्णन के दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
नाबालिग को रविवार को गिरफ्तार किया गया था और उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो लापरवाही से गाड़ी चलाने और लापरवाही के कारण मौत होने से संबंधित हैं।
उसे किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) की धारा 8 के तहत थाने से ही जमानत मिल गई थी और उसे रिहा कर दिया गया था, लेकिन युवा संगठनों और पीड़ित परिवार के विरोध के बाद उसे फिर से पकड़ लिया गया। लोगों के कहना था कि दूसरों को नसीहत देते हैं और खुद का नाबालिग बेटा कार चला रहा । नियम कहाँ गए ।
बाद में पुलिस ने इसमें BNS की धारा 105 भी जोड़ दी, जो ‘गैर-इरादतन हत्या’ (culpable homicide not amounting to murder) से संबंधित है। इसके बाद नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के सामने पेश किया गया, जिसने उसे जमानत पर रिहा कर दिया।
केरल उच्च न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है और केस की पूरी जानकारी के साथ-साथ न्यायाधीश की भूमिका पर एक रिपोर्ट मांगी है।





