Dr. Trivedi –NRI, विदेशी भी एंडोस्कोपिक ‘अवेक’ बिना बेहोश किए, बिना टांके वाली सर्जरी करवा रहे
जालंधर। जीवन शैली में बदलाव, खासकर खाने-पीने और बैठने के तौर-तरीकों (टेबल कल्चर) की वजह से रीढ़ की हड्डी की समस्याएं महामारी की तरह फैल रही हैं। पीठ दर्द मरीज़ों के अस्पताल जाने का तीसरा सबसे आम कारण बन गया है। टेक्नोलॉजी भी लगातार बदल रही है। पहले ओपन स्पाइन सर्जरी होती थी, फिर माइक्रोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी आई और अब एंडोस्कोपिक ‘अवेक’ (बिना बेहोश किए) और बिना टांके वाली स्पाइन सर्जरी होती है। यह बात न्यूरोसर्जन डॉ. पंकज त्रिवेदी ने एक विशेष वार्ता में कही।
डॉ. त्रिवेदी ने बताया, इस सर्जरी के दौरान ज़्यादातर समय मरीज़ जागता रहता है और सर्जन से बात भी करता रहता है। आमतौर पर इसमें कुल 20 मिनट से भी कम समय लगता है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया, इराक के 34 वर्षीय फनार अहमद मोहम्मद हाल ही में यह सर्जरी करवा कर गए हैं। वो पिछले 2 साल से दाहिने पैर में दर्द से परेशान थे और 5 मिनट से ज़्यादा चल नहीं पाते थे। इराक में एक साल पहले उनकी रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हो चुकी थी, इसलिए डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वे दोबारा सर्जरी करवाने को लेकर थोड़े हिचकिचा रहे थे।
L5-S1 लेवल पर नर्व रूट दबने से हो रहा था दर्द
बातचीत के दौरान पता चला कि फनार को किसी ने जालंधर के वासल हॉस्पिटल में स्पाइन मास्टर्स यूनिट के सीनियर एंडोस्कोपिक ब्रेन और स्पाइन सर्जन डॉ. पंकज त्रिवेदी के बारे में बताया जो नियमित रूप से ऐसी सर्जरी करते हैं। वो जालंधर आए और डॉ. त्रिवेदी से कंसल्ट किया। डॉक्टर त्रिवेदी ने उनकी MRI देखने के बाद उन्हें एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी कराने की सलाह दी, क्योंकि दाईं तरफ L5-S1 लेवल पर उनकी नर्व रूट (तंत्रिका जड़) दब रही थी। फनार की सुबह-सुबह बिना टांके वाली ‘अवेक’ डिस्क सर्जरी की गई, जिसमें क़रीब 20 मिनट लगे।

4 घंटे बाद ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी
सर्जरी के दौरान फनार की भाषा समझने के लिए गूगल ट्रांसलेटर ऐप का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि वह ‘अरबी’ बोल रहे थे और उन्हें अंग्रेज़ी अच्छी तरह नहीं आती थी। एक घंटे के बाद उन्हें चलने की इजाजत दे दी गई, जो दाहिने पैर में किसी दर्द के बिना सामान्य था।7mm के कट पर एक छोटी पट्टी लगाई गई और सबसे हैरानी की बात यह रही कि शाम को 4 घंटे बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिससे यह सचमुच एक ‘डे-केयर सर्जरी’ बन गई।
“एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी का 20 मिनट का जादू”
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि उनके पास पूरे भारत और दुनिया भर से मरीज़ आते हैं, जिनमें NRI और विदेशी भी शामिल हैं। डॉ. त्रिवेदी इसे “एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी का 20 मिनट का जादू” कहते हैं। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी का खर्च अमेरिका और पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग दसवां हिस्सा है, जहाँ यह सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया (पूरी तरह बेहोश करके) के तहत की जाती है।





