NHRC – डीजीपी, डीएम और एसएसपी संगरूर को जांच के निर्देश
संगरूर: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संगरूर के एक युवक की आत्महत्या से जुड़े मामले में संज्ञान लिया है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व चेयरमैन राजेश बाघा की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि युवक ने राज्य में कथित तौर पर खुलेआम हो रही सिंथेटिक ड्रग ‘चिट्टा’ की बिक्री को लेकर आवाज उठाई थी, जिसके बाद उसे कथित तौर पर प्रताड़ित और धमकाया गया।
शिकायत के अनुसार, युवक ने कथित रूप से सल्फास का सेवन कर आत्महत्या की। इसमें पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्थानीय गांव के सरपंच पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया कि मौत से पहले युवक ने एक वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया था।
NHRC की पीठ, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की, ने मामले को प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा माना है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव, डीजीपी पंजाब, डीएम और एसएसपी संगरूर को मामले की जांच कर डाइंग डिक्लेरेशन, इंक्वेस्ट रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report (ATR) दाखिल करने को कहा है।





