Ravidassia समाज के शिरोमणि गुरु संत निरंजन दास जी को पद्मश्री से सम्मानित
जालंधर। ऐसा पहली बार नहीं है कि पद्म पुरस्कारों को लेकर विवाद हो रहा है। यह हर बार होता है। कोई न कोई नाखुश रह ही जाता है। इस बार भी कुछ नया जुड़ा है। इसे चुनावी रणनीति कह सकते हैं। बात शुरू करते हैं पंजाब से। इस प्रान्त में BJP को कुछ आस दिखी संख्या को लेकर तो उन्होंने Ravidassia समाज के शिरोमणि गुरु संत निरंजन दास जी को पद्मश्री से सम्मानित किया। पूरा समाज खुशियां मना रहा। मनानी भी चाहियें क्योंकि यह पहली बार है कि इस समाज के किसी गुरु को इस सम्मान से नवाजा गया है।
कारण कई हैं। पूरे भारत वर्ष में रविदास अमृतवाणी को मानने वाले करीब 35 करोड़ लोग हैं। हाल ही में संत निरंजन दास जी प्रधानमंत्री मोदी को मिलने दिल्ली भी गए थे। हालाँकि वो गुरु रविदास के 650 वर्षीय प्रकाश पर्वों को ले कर विचार करने गये थे पर क्योंकि चुनाव सर पर हैं तो सम्मान और मिलनी को उसी से जोड़ कर देखा जा रहा।
एक और कड़ी साथ में जुड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु रविदास जयंती 2026 के मौके पर जालंधर में डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि मोदी सुबह संसद में बजट सत्र में शामिल होने के बाद दोपहर में डेरा पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा गुरु रविदास जयंती के मौके पर होगा। पिछले कुछ सालों में, मोदी वाराणसी में गुरु रविदास के जन्मस्थान सीर गोवर्धन जाते रहे हैं, जो उनके संसदीय क्षेत्र में आता है।
जालंधर में डेरा सचखंड बल्लां को पंजाब में Ravidassia समुदाय के लिए सबसे पवित्र जगहों में से एक माना जाता है। डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास को इस साल पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। संत निरंजन दास वाराणसी और बल्लां डेरा दोनों जगहों पर धार्मिक स्थलों की देखरेख करते हैं।
अब अगर Ravidassia समाज की बात करें तो लोग कानाफूसी करते दिख रहे हैं कि उन्हें BJP के साथ होना चाहिए। सेंटर में उनकी सरकार है। पंजाब को थोड़ी उम्मीद बढ़ेगी। उत्तरप्रदेश में तो पहले ही योगी सरकार गफ्फे बाँट रही। बनारस के विकास के लिए एक बड़ा बजट रखा गया है। इनमें रविदासिया समाज का सीर गोवर्धन स्थान भी है।
आपको बताते चलें पूरी दुनिया में Ravidassia समाज के करीब 400 गुरु घर हैं। केवल इंग्लैंड में 26 हैँ। इटली में इनकी संख्या 22 है।
हम बात कर रहे थे पद्म पुरस्कारों की। माकपा के संस्थापक नेता और केरल के एक्स CM अच्युतानंद को भी सम्मान दिया गया है। शिबू सोरेन को भी अवार्ड दिया गया है।
इस साल केरल में चुनाव होने हैं तो वहां पदम् विभूषण 3 लोगों को दिए गए हैं। यहाँ कभी BJP पैर नहीं जमा पाई। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी इलेक्शन हैं तो यहाँ क्रमश 13 और 11 पदम् पुरस्कार दिये गए। इन्हीं चार राज्यों को करीब 40 प्रतिशत पुरस्कार दिए गए। महाराष्ट्र में राजग जीत कर आई है तो वहां 15 पुरस्कार दिए गए।





