DOABA COLLEGE – परवीन अबरोल और ट्रैफिक एजुकेशन सेल की इंचार्ज मीना के पवार मुख्य वक्ता
जालंधर। DOABA COLLEGE : आज यहाँ दोआबा कॉलेज में महिला दिवस मनाया गया। इसमें दिव्य दृष्टि एनजीओ की फाउंडर परवीन अबरोल जी और ट्रैफिक एजुकेशन सेल की इंचार्ज मीना के पवार मुख्य वक्ता थे।
सबसे पहले DOABA COLLEGE के प्रिंसीपल प्रो प्रदीप भंडारी ने दोनों मुख्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागती संबोधन में कहा कि महिलाएं पूजनीय होती हैं। हमें इनका सम्मान करना चाहिए और मौका दिया जाये तो यह हर काम बखूबी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि दोआबा कॉलेज में महिलाओं को समानता का अधिकार प्राप्त है।
अबरोल जी ने कहा कि महिला हर रूप में सम्मानीय है, चाहे वो माँ है, पत्नी, बहिन, दोस्त या सहकर्मी। उनके बिना कोई भी घर पूर्ण नहीं होता। शिक्षा प्राप्त कर वो हर मुकाम पा सकती हैं। समाज को सही दशा और दिशा देने में उनके योगदान को इग्नोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कई तरह की उदाहरण देकर स्टूडेंट्स को सचेत किया।
मैडम ने कहा कि हमें प्रकृति ने ही परफेक्ट बना कर भेजा है और हम महिला के रूप में ही पूर्ण हैं। हमें पुरुष से आगे नहीं निकलना बल्कि उनके साथ चलना है।
मीना के पवार जी ने कहा कि महिला अगर ठान ले तो उसके जितना शक्तिशाली कोई नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर सजग रहना चाहिए। उन्होंने कभी भी अन्याय न बर्दाश्त करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, ये दिन मनाने का नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान, उनके अधिकारों और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करने और सराहने का एक मौका होता है। इतिहास गवाह रहा है कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है। अपनी मेहनत, साहस और प्रतिभा से नई ऊंचाइयों को छुआ है। चाहे घर की जिम्मेदारियां हों या देश और दुनिया के बड़े पदों पर काम करना, महिलाओं ने हर भूमिका को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है।

इस अवसर पर कई स्टूडेंट्स ने कविता पाठ किया और कुछ ने अपनी रचनाएँ सुनाईं जिन्हें बहुत सराहना मिली।





