Sarvodya Fraud Case – गिरफ्तारी न करने के चलते की थी अर्जी दायर
Sarvodya Fraud Case – जालंधर । अपने पार्टनर्स डॉक्टरों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने और डॉक्यूमेंट में हेर फेर कर सर्वोदय अस्पताल को घाटे में दिखाने के संगीन आरोप के तहत पेंडिंग गिरफ्तारी वाले केस में सुनवाई पर जुडिशल मेजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राजबीर कौर ने अपने आर्डर में कहा है कि SIT की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। ऐसे में केस की सुनवाई 15 अप्रैल को की जाएगी। मालूम हो कि इससे पहले आरोपियों ने केस को ट्रांसफर करने की एप्लीकेशन लगाई गई थी जिसे मान लिया गया था। हालाँकि शिकायत कर्ता द्वारा इस एप्लीकेशन के खिलाफ भी सम्बंधित अथॉरिटी को शिकायत कर दी गई थी।
आइए सबसे पहले पूरे मामले को समझते हैं। 23.12.2025 को नवी बारादरी थाना में पुलिस ने एफआईआर नंबर 233 दर्ज की। इसमें सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और CA संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 477-A और 120-B लगाई गई है। इन धाराओं के तहत ये Non-Bailable अपराध के आरोपी हैं।
Sarvodya Fraud Case – पुलिस द्वारा गिरफ्तारी न करने के चलते शिकायतकर्ता डॉक्टर पंकज त्रिवेदी ने माननीय अदालत में अर्जी दायर की थी। अदालत में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर धारा 75 Cr.P.C./79 BNSS के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने संबंधी भी अर्जी लगाई जा चुकी है पर हो कुछ नहीं रहा।
पहले इस मामले की जांच एडीसीपी हरिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में चल रही थी पर अब उनकी जगह राकेश कुमार यादव ने ज्वाइन किया है, जब उनसे इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो जल्द पूरे मामले को पढ़ कर, समझ कर अपडेट करेंगे।
सनद रहे पुलिस की कारगुजारी को देखते हुए न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत सुपरवाइजरी अधिकारों का प्रयोग करते हुए एडीसीपी सिटी-2 से यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे कि आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही और यदि गिरफ्तारी आवश्यक नहीं समझी गई तो उसके ठोस कारण बताए जाएं। इस के बाद इस केस में शामिल पुलिस अफसर बदल दिए गए और IO रविंदर को ट्रेनिंग पर भेज दिया गया था।
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