Priya Sood ने सीनियर वकील V K SAREEN से की थी इंटरशिप
जालंधर। हाल ही में जालंधर के डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज NIRBHAU SINGH GILL का तबादला हुआ और उनकी जगह Priya Sood की नियुक्ति की गई। उनके होम टाउन जालंधर में डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज लगने पर शहरवासियों ने खुशामदीद कहा और चार्ज सँभालते वक़्त उनको गॉर्ड ऑफ़ ऑनर भी दिया गया। यहीं नहीं वो STJOSEPHS CONVENT SCHOOL की पास आउट हैं तो स्कूल ने अपने फेसबुक पर उनकी फोटो लगाई और तारीफ करते हुए वेलकम कहा। स्कूल ने यह भी लिखा कि वो उनकी पूर्व स्टूडेंट प्रिया मदान (अब सूद) हैं। उम्मीद है वो ठीक होंगी। स्कूल के हर बच्चे को उन पर नाज है। नंदिनी मदान का शुक्रिया किया गया है। पूरे परिवार और उनको बधाई दी गई है।
Priya Sood ने सीनियर वकील V K SAREEN से इंटरशिप की थी। हालाँकि यह नियम है कि डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज अपने ही होमटाउन में नहीं नियुक्त किया जा सकता पर उनकी योग्यता को देखते हुए उनको जालंधर के लोगों की सेवा का मौका दिया गया है।
यहाँ यह भी जिक्रयोग है कि कागजों में उन्होंने होमटाउन कपूरथला दिखाया है। उनके स्टूडेंट्स रहे एडवोकेट्स ने भी सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें डालीं और गुलदस्ते के साथ वेलकम कहा।

दूसरी तरफ उनके आने से आम जनता को भी उम्मीद बंधी है कि हर हाल में न्याय मिलेगा क्योंकि पिछले कुछ समय से न्यायिक सिस्टम पर भी करप्शन के इल्ज़ाम लगने लगे हैं। ऐसे मुश्किल समय में जुडिशरी को और न्याय में लोगों के विश्वाश को और मजबूत करना उनकी जिम्मेवारी बन जाता है।
इससे पहले Priya Sood डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी डिस्ट्रिक्ट और सैशन जज कम चेयरमैन के तौर पर नवांशहर में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश और सह-अध्यक्ष, ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सूद ने कुछ दिन पहले ‘यूनिक होम’ का आधिकारिक दौरा किया था जहाँ उन्होंने बच्चों के कल्याण और गोद लेने की प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने की तरफ और ध्यान देने की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने की प्रक्रियाओं को और अधिक सुव्यवस्थित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरुरत है।
Priya Sood – कैदियों को दोबारा गलत काम न करने की सलाह
प्रिया सूद, जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरपर्सन, जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी, तरनतारन में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस दौरान वो सेंट्रल जेल गोइंदवाल साहिब कैदियों और बंदियों की समस्याएं खुद सुनतीं थीं ।
इस दौरान प्रिया सूद ने कैदियों और बंदियों को समाज में नॉर्मल इंसान की तरह जीने और कोई गलत काम करके दोबारा जेल न आने की सलाह दी थी।
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