Sanjiv Arora – ED की जाँच के घेरे में कई और बड़े नामों के आने की चर्चा: मजीठिया
गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार आई ए एस ओर पुडा के चीफ टाउन प्लानर पंकज की जालंधर में पेशी
Sanjiv Arora – चंडीगढ़, 16 मई:
शिरोमणि अकाली दल के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री एस. बिक्रम सिंह मजीठिया ने झाड़ू सरकार में मंत्री Sanjiv Arora पर ED (एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट – सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की रेड को लेकर एक बड़ा खुलासा किया, उन्होंने आरोप लगाया कि रेड से एक दिन पहले सरकारी ऑफिसों से करोड़ों के करप्शन से जुड़े ज़रूरी सबूत कथित तौर पर मिटा दिए गए थे।
मजीठिया ने दावा किया कि 17 अप्रैल को लुधियाना में ED की रेड से एक दिन पहले, 16 अप्रैल को सुबह करीब 5 बजे संजीव अरोड़ा के कथित ऑर्डर पर ऑफिस खोला गया और इमरजेंसी के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह-सुबह ऑफिस बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई कथित ज़रूरी फाइलें और कथित डॉक्यूमेंट्स ज़ब्त करके गायब कर दिए गए, ताकि करोड़ों के करप्शन से जुड़े सबूत खत्म किए जा सकें।
मजीठिया ने कहा कि यह कोई आम घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी प्रशासनिक घटना है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक और प्रशासनिक ज़िम्मेदारी पंजाब के चीफ सेक्रेटरी कुमार अनुग्रह प्रसाद (KAP) सिन्हा की है और ED को सबसे पहले उन्हें समन जारी करके पूछताछ करनी चाहिए।
उन्होंने सेंट्रल जांच एजेंसियों से अपील की कि वे सुबह 5 बजे हुई मीटिंग में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ करें, ताकि कथित तौर पर खत्म किए गए सबूतों और पूरे मामले का खुलासा हो सके।
मजीठिया ने कहा कि GMADA (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) के मुल्लांपुर लैंड डील्स की ED जांच का ज़िक्रt करते हुए कहा कि अब यह मामला एक बड़े “रहस्यमय बॉक्स” के तौर पर सामने आ रहा है, जिसमें एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं और आने वाले समय में बहुत ज़रूरी और बड़े खुलासे होंगे।
उन्होंने कहा कि जांच में कथित तौर पर धोखाधड़ी वाले CLU (चेंज ऑफ़ लैंड यूज़) अप्रूवल, बेनामी ट्रांज़ैक्शन, NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) और लैंड रिकॉर्ड में हेराफेरी के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं यही कारण है कि इनसे जुड़ी तहसीलों ओर अधिकारियों से चुपचाप छापेमारी ओर पूछताछ की जा रही है।
मजीठिया ने कहा कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैंड यूज़ चेंज और अर्बन एरिया प्लान के बाद, कुछ ही महीनों में ज़मीन की कीमत लगभग ₹3.5 करोड़ प्रति एकड़ से बढ़कर लगभग ₹7 करोड़ प्रति एकड़ हो गई। उन्होंने कहा कि यह कोई एक गड़बड़ी नहीं है, बल्कि पंजाब की ज़मीन और रिसोर्स की जानबूझकर की गई लूट का हिस्सा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि न्यू चंडीगढ़ ज़मीन अधिग्रहण और इको सिटी प्रोजेक्ट्स में प्रॉपर्टी डीलरों, बिचौलियों, अधिकारियों और राजनीतिक रूप से असरदार लोगों की भूमिका अब जांच के दायरे में आ गई है।
उन्होंने कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED), जालंधर ज़ोनल ऑफिस ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार आई ए एस ओर पंकज बावा चीफ टाउन प्लानर जिससे पहले भी दो बार पूछताछ हो चुकी है को सोमवार को पेश होने के लिए बुलाया है। यह मामला दो बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स सनटेक सिटी और ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए चेंज ऑफ़ लैंड यूज़ (CLU) अप्रूवल में कथित तौर पर भारी गड़बड़ियों की चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में है। जिसके बाद भ्रष्टाचार की कई कड़ियां खुलने की संभावना है जिनमें कुमार अनुग्रह प्रसाद ओर दूसरे बड़े अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
स. मजीठिया ने कहा कि अगर अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और असरदार बिल्डरों ने रजिस्ट्री, NOCs, CLU अप्रूवल और रेवेन्यू रिकॉर्ड को प्रभावित करने की साज़िश की है, तो जवाबदेही सिर्फ़ निचले लेवल के अधिकारियों तक सीमित नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि इस कथित हेरफेर की जांच चीफ सेक्रेटरी कुमार अनुग्रह प्रसाद सिन्हा से शुरू होनी चाहिए, क्योंकि इससे कई बड़े राज का पर्दाफाश हो सकता है।
भगवंत मान सरकार और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए मजीठिया ने कहा कि पक्की ईमानदारी का दावा करने वाले लोगों की सरकार अब कथित भ्रष्टाचार, सबूत नष्ट करने और एडमिनिस्ट्रेटिव गलत इस्तेमाल के आरोपों में फंसती दिख रही है ओर दोनों बुरी तरह भ्रष्टाचार की दलदल में फंस चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ED की जांच से इस पूरे राजनीतिक-प्रशासनिक गठजोड़ का पर्दाफाश होना चाहिए और इस कथित घोटाले में शामिल हर अधिकारी, बिल्डर और राजनीतिक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई पक्की होनी चाहिए।
सरदार मजीठिया ने कहा कि पंजाब के लोग अब समझ गए हैं कि पक्की ईमानदारी के दावों के पीछे क्या चल रहा था और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “अब चिल्लाने का समय नहीं है, अपनी बारी का इंतज़ार करो, क्योंकि यहाँ कोई बचने का रास्ता नहीं है — सब पकड़े जाएँगे।”
Sanjiv Arora





