By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Telescope TimesTelescope TimesTelescope Times
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Reading: Sarvodya Hospital Fraud केस में डॉक्टर राजेश अग्रवाल व अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार
Share
Font ResizerAa
Telescope TimesTelescope Times
Search
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Have an existing account? Sign In
Follow US
Telescope Times > Blog > Crime & Law > Sarvodya Hospital Fraud केस में डॉक्टर राजेश अग्रवाल व अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार
Crime & Law

Sarvodya Hospital Fraud केस में डॉक्टर राजेश अग्रवाल व अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ीं, हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार

The Telescope Times
Last updated: May 22, 2026 8:16 pm
The Telescope Times Published May 22, 2026
Share
SARVODYA HOSPITAL FRAUD
SARVODYA HOSPITAL FRAUD
SHARE

Sarvodya Hospital Fraud – मामले की जांच और ट्रायल अभी बाकी

जालंधर । Sarvodya Hospital Fraud मामले में डॉक्टर राजेश अग्रवाल, डॉक्टर कपिल गुप्ता, डॉक्टर अनवर इब्राहिम खान और नोएडा के चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले में अहम मोड़ आया है।

Contents
Sarvodya Hospital Fraud – मामले की जांच और ट्रायल अभी बाकीICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया) ने दोनों यूडीआईएन लॉक किए

आरोपी डॉक्टर राजेश अग्रवाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी जिस पर हाईकोर्ट का जवाब इनकार में आया है। अदालत ने 15 पेजों के अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच और ट्रायल अभी बाकी है, इसलिए इस स्तर पर एफआईआर रद्द करना उचित नहीं होगा।

याद रहे इस केस में इलाका मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद फ्रॉड की FIR नंबर 233 / 23.12.25 नवी बारादरी थाने में रजिस्टर की गई थी। आरोपियों पर IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 477-A और 120-B लगाई गई है। इन धाराओं के तहत ये Non-Bailable अपराध के आरोपी हैं।

Sarvodya Hospital Fraud – पूरा मामला डॉक्टर पंकज त्रिवेदी की ओर से जनवरी 2024 में दी गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें डॉक्टर राजेश अग्रवाल, डॉक्टर संजय मित्तल समेत अन्य लोगों पर फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है इनमें से डॉक्टर राजेश अग्रवाल और डॉक्टर संजय मित्तल का संबंध साल 2015 के चर्चित किडनी कांड से भी है, जिसमें उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे चल रहे हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीए संदीप कुमार सिंह को इस उद्देश्य से नियुक्त किया गया ताकि आरोपी डॉक्टर निजी लाभ हासिल कर सकें। आरोप है कि करोड़ों रुपये के घाटे के बावजूद फर्जी बैलेंस शीट तैयार की गई और आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार जिन दस्तावेजों पर डॉक्टर पंकज त्रिवेदी के हस्ताक्षर करवाए गए, उनमें पार्टनर डॉक्टरों की सैलरी तक नहीं दिखाई गई। बाद में नया यूडीआईएन (UDIN) बनाकर कथित रूप से फर्जी बैलेंस शीट और रिटर्न पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए।

ICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया) ने दोनों यूडीआईएन लॉक किए

अपडेट यह है कि केस की गंभीरता को देखते हुए ICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया) ने संबंधित दोनों यूडीआईएन को अपनी वेबसाइट पर लॉक कर दिया है ताकि उनमें किसी प्रकार का फेरबदल न किया जा सके। बताया जा रहा है कि जिस बैलेंस शीट को अपलोड किया गया, उस पर डॉक्टर पंकज त्रिवेदी और अन्य पार्टनर्स के हस्ताक्षर नहीं थे।

सूत्रों के अनुसार जब बैंक के पास अधूरे दस्तावेज पहुंचे तो बैंक ने सभी पार्टनर्स को ईमेल भेजकर उनके हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज मांगे, जिसके बाद फर्जीवाड़े का मामला सामने आया।

मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अदालत में पेश रिपोर्ट में पुलिस ने कहा था कि शिकायत किसी अन्य मामले से संबंधित थी और डीए लीगल कार्यालय में डॉक्टर पंकज त्रिवेदी से जुड़ा कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि आरटीआई के माध्यम से शिकायतकर्ता ने उसी कार्यालय से संबंधित रिकॉर्ड और रिपोर्ट प्राप्त कर ली थी। मामले में कई महीनों से SIT रिपोर्ट का भी इंतज़ार है।

You Might Also Like

Nagar council/Panchayat election : 105 उम्मीदवारों ने नामांकन वापिस लिए, 342 मैदान में

Jewellery Heist : ज्वेलरी स्टोर की कर्मचारी निकली 1.66 करोड़ के गहने चुराने की मास्टरमाइंड

NTA 50 रुपए में सोसाइटी एक्ट में पंजीकृत, इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क पर सवाल उठे

Associate Professor Dr. Rahul Kumar को एग्रीकल्चर-एलाइड साइंसेज में अहम योगदान के लिए डॉ. स्वामीनाथन अवॉर्ड

PUPPY KILLED : चंडीगढ़ में अज्ञात शख्स ने जलते तंदूर में पिल्ले को जिंदा फेंका, दर्दनाक मौत, FIR दर्ज

TAGGED:DR. RAJESH AGGARWALHIGHCOURTJalandharKidney RacketSarvodya Hospital Fraud
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
newsletter featurednewsletter featured

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
Report
Cover Story

Report – उत्तराधिकार से बदलता भारत का कॉरपोरेट चेहरा

The Telescope Times The Telescope Times July 24, 2025
Groom faints : दूल्हा ठंड से बेहोश, लड़की का शादी करने से इंकार
Supreme Court Decision – 2019 : उम्मीदवारों को संपत्ति की हर छोटी जानकारी बताने की ज़रूरत नहीं –
DEATH SENTENCE TO COPS : बाप-बेटे TORTURE से मारे थे, 9 पुलिस वालों को मौत की सज़ा
इतने साल बाद भी सुभाष चंद्र बोस के बारे कुछ न पता होना शर्म की बात- ममता बनर्जी
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

INDIA

Confirmed

45M

Death

533.3k

More Information:Covid-19 Statistics

About US

The Telescope is an INDEPENDENT MEDIA platform to generate awareness among the masses regarding society, socio-eco, and politico.

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2023 Telescopetimes. All Rights Reserved.
  • About
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?