PUNAJB COP NAGRA : वॉशिंगटन/जालंधर /टांडा : गुरिंदरजीत सिंह नागरा, पंजाब पुलिस मुलाजिम की मुश्किलें बढ़तीं नज़र आ रही हैं। इसे पहले गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के संगठित अपराध गिरोह की कथित तौर पर मदद करने के लिए अमेरिकी जांच के दायरे में आने के बाद पुलिस लाइन्स भेज दिया गया थ। अब उसको गिरफ़्तार करने के बाद कई और मामले सामने आ रहे हैं।
उन पर अमेरिका में रहने वाले एक परिवार से भारत में उनके रिश्तेदारों के ख़िलाफ़ हत्या का झूठा मामला दर्ज करने की धमकी देकर 4 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगा है। उनके ख़िलाफ़ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पंजाब पुलिस ने नागरा के ख़िलाफ़ जांच तब शुरू की जब अमेरिकी अभियोजकों ने उन पर रैकेटियरिंग के एक बड़े मामले में आरोप लगाए। आरोप था कि उन्होंने भगवानपुरिया के अपराध सिंडिकेट के साथ मिलकर पीड़ितों को हत्या के मामले में झूठा फंसाने और आपराधिक कार्रवाई की धमकी देकर पैसे वसूलने का काम किया।
अब तक की जांच से पता चला है कि नागरा अमेरिका में रहने वाले परिवार से जबरन वसूली करने और अवैध रूप से 16 लाख रुपये लेने में शामिल पाए गए हैं।
ये आरोप इस हफ़्ते ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत सार्वजनिक किए गए तीन अभियोगों में से एक का हिस्सा हैं। यह एक बहुराष्ट्रीय जांच है जो अमेरिका, कनाडा और यूरोप में हत्या, जबरन वसूली, ड्रग तस्करी और अन्य अपराधों में शामिल संगठित अपराध समूहों को निशाना बनाती है।
नागरा, जो टांडा पुलिस स्टेशन में स्टेशन हाउस ऑफ़िसर (SHO) थे, के ख़िलाफ़ यह कार्रवाई तब हुई जब फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की मीडिया ब्रीफ़िंग का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें अधिकारियों ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने लॉस एंजिल्स में एक परिवार से 4,00,000 डॉलर (4 करोड़ रुपये) की जबरन वसूली में गैंगस्टरों की मदद की। यह वसूली भारत में उनके रिश्तेदारों के ख़िलाफ़ हत्या का झूठा मामला दर्ज करने की धमकी देकर की गई थी।
अमेरिकी अभियोजकों द्वारा किए गए दावों की सच्चाई की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद, होशियारपुर के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) संदीप कुमार मलिक ने एहतियाती उपाय के तौर पर SHO नागरा को पुलिस लाइन्स भेजने का आदेश दिया।
SSP ने साफ़ किया कि अब तक पंजाब पुलिस को FBI के कथित दावों के बारे में नई दिल्ली या पंजाब सरकार से कोई आधिकारिक पुष्टि या सूचना नहीं मिली है।
हालांकि, पुलिस ने जालंधर के सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस की देखरेख में अधिकारी के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि भगवानपुरिया गैंग के कथित सदस्य गुरलाल सिंह ने नागरा को लॉस एंजिल्स (LA) में एक पीड़ित के बारे में जानकारी दी थी, ताकि उस व्यक्ति पर हत्या का झूठा आरोप लगाया जा सके।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद नागरा ने कथित तौर पर पीड़ित के पिता से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए जाएंगे। उसने हत्या की जांच में पीड़ित का नाम शामिल करने की धमकी भी दी।
पुलिस अधिकारी के खिलाफ अमेरिका के ये आरोप एक बड़े मामले का हिस्सा हैं, जिसमें 37 आरोपी शामिल हैं। इन पर कई देशों में काम करने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों में शामिल होने का आरोप है।





