जालंधर /मुंबई : Zomato : फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करते समय कैश में पेमेंट करना अब महंगा हो जायेगा। जोमैटो ने पेमेंट के इस तरीके पर नया चार्ज जोड़ दिया है। यानी जो ग्राहक पहले ऑर्डर की रकम डिलीवरी के समय कैश में देते थे, उनके बिल में अब एक और फीस दिखाई दे सकती है।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब फूड डिलीवरी कंपनियां हर ऑर्डर से कमाई बढ़ाने के लिए अलग-अलग फीस और मॉनेटाइजेशन (monetisation) मॉडल पर काम कर रही हैं। ऐसे में छोटा दिखने वाला यह चार्ज कंपनी के लिए रेवेन्यू बढ़ाने का एक नया जरिया बन सकता है। वहीं जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी अभी कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर पर कोई अलग से फीस नहीं लेती है।
कैश पर लगेगी कितनी फीस
जोमैटो के ऑर्डर बिल में पे ऑन डिलीवरी फी (Pay on Delivery Fee) नाम से नया चार्ज दिखाई दे रहा है। यह शुल्क तब लागू होता है जब ग्राहक ऑर्डर की रकम डिलीवरी के समय कैश में चुकाता है। सबसे अहम बात यह है कि यह फीस हर ऑर्डर पर एक जैसी नहीं है। अलग-अलग यूजर और ऑर्डर वैल्यू के हिसाब से चार्ज बदल सकता है। अभी कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि फीस तय करने का फॉर्मूला क्या है और इसमें ऑर्डर वैल्यू, लोकेशन या किसी दूसरे फैक्टर की कितनी भूमिका है।
कितना देना होगा ज्यादा?
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चार्ज की सामान्य राशि ₹5 के आसपास है, जबकि कुछ यूजर्स के लिए यह ज्यादा भी दिखाई दी है। वहीं कुछ यूजर्स से ₹20 तक चार्ज लिया गया। इसका मतलब है कि अगर किसी ऑर्डर का बिल ₹500 है और उस पर ₹5 का Pay on Delivery Fee लगता है, तो ग्राहक को बाकी लागू चार्ज के अलावा यह रकम भी चुकानी होगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत के फ़ूड डिलीवरी मार्केट में जोमैटो और स्विगी के अलावा भी कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है।





