अमृतसर । Improvement Trust-पंजाब स्टेट इन्फॉर्मेशन कमीशन (PSIC) ने अपने नोटिस और निर्देशों को बार-बार नज़रअंदाज़ करने वाले एक अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) कम-पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (PIO) राजेश कुमार के खिलाफ वारंट जारी किए हैं। यह वारंट राइट टू इन्फॉर्मेशन (RTI) एक्ट के तहत एक अपील में बार-बार पेश न होने पर जारी किया गया है।
कमीशन ने अमृतसर के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) को वारंट तामील करने और यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि राजेश कुमार अपील करने वाले द्वारा मांगी गई जानकारी के साथ उसके सामने पेश हों। मामले की सुनवाई 6 जनवरी तक के लिए टाल दी गई है।
यह कार्रवाई स्टेट इन्फॉर्मेशन कमिश्नर हरप्रीत संधू ने अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के PIO के खिलाफ प्रदीप कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए की। अपील करने वाले ने कमीशन को बताया कि 15 अप्रैल, 2025 की तारीख वाले RTI एप्लीकेशन के ज़रिए मांगी गई जानकारी नहीं दी गई थी।
इन दलीलों पर ध्यान देते हुए, कमीशन ने पाया कि सुनवाई में रेस्पोंडेंट अथॉरिटी का कोई भी प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ था। आयोग ने आगे बताया कि राजेश कुमार 12 मार्च और 1 जुलाई, 2026 को हुई पिछली सुनवाई के दौरान भी गैरहाज़िर रहे थे, जबकि उन्हें रजिस्टर्ड पोस्ट से नोटिस भेजे गए थे।
आयोग ने बताया कि 1 जुलाई, 2026 के आदेश के ज़रिए RTI एक्ट के सेक्शन 20(1) के तहत राजेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, अधिकारी न तो आयोग के सामने पेश हुए और न ही नोटिस का लिखित जवाब दिया। यह वारंट जमानती हैं ।
एसएसपी को निर्देश: आयोग ने अमृतसर के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) को निर्देश दिया है कि वे वारंट को तामील कराएं और राजेश कुमार को मांगी गई जानकारी के साथ आयोग के समक्ष पेश करें। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की गई है।
टिप्पणी: आयोग ने यह भी कहा कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अधिकारी का जवाब न देना एक गलत मिसाल कायम करता है।





