Aravalli बचाने का आंदोलन गुजरात से शुरू होगा, 4 राज्यों से निकलेगा
नई दिल्ली। पर्यावरण संगठन अरावली विरासत जन अभियान ने घोषणा की कि वह पहाड़ की श्रृंखला को बचाने के लिए 24 जनवरी से 700 किलोमीटर की अरावली संरक्षण यात्रा शुरू करेगा।
यह घोषणा एक मीडिया कॉन्फ्रेंस में की गई, जहाँ संगठन ने सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला में तथाकथित “टिकाऊ खनन योजनाओं” पर सवाल उठाया। अभियान की सदस्य और पर्यावरणविद् नीलम अहलूवालिया ने कहा, “अरावली को सख्त सुरक्षा की ज़रूरत है, न कि ऐसे बेतुके नियमों की जो ज़्यादातर इलाकों को कानूनी सुरक्षा से बाहर कर दें और तथाकथित टिकाऊ खनन योजनाओं को बढ़ावा दें।”
उन्होंने अभियान के रोडमैप के बारे में बताते हुए कहा, “पिछले कुछ दशकों से वनों की कटाई, लाइसेंस वाले और अवैध खनन, रियल एस्टेट डेवलपमेंट के कारण अरावली खून बहा रही है, जिसमें एक के बाद एक पहाड़ ज़मीन में मिलाए जा रहे हैं और कचरा फेंकने से हमारे जल स्रोत ज़हरीले हो रहे हैं।”
यह आंदोलन गुजरात से शुरू होगा और चार राज्यों – गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के सभी अरावली ज़िलों से गुज़रेगा। यह आंदोलन 40 दिनों तक चलेगा। यह अभियान उन ग्रामीण समुदायों से जुड़ेगा जो अपनी रोज़ी-रोटी के लिए इस पर्वत श्रृंखला पर निर्भर हैं।





