Chandigarh Press Club : संपादकीय या प्रकाशन संबंधी गतिविधियों पर किसी भी प्रकार का दबाव चिंता का विषय
पंजाब में समाचार पत्रों के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप और कथित दबाव के आरोपों के बीच प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंजाब केसरी समूह द्वारा पंजाब के राज्यपाल को लिखे गए पत्र के बाद अब चंडीगढ़ प्रेस क्लब ने भी इस मामले में अपना प्रतिकर्म दिया है।
Chandigarh Press Club ने पंजाब केसरी समूह द्वारा 15 जनवरी 2026 को पंजाब के माननीय राज्यपाल को लिखे गए पत्र में उठाए गए मुद्दों पर चिंता व्यक्त की है। इस पत्र में पंजाब के विभिन्न स्थानों पर सरकारी विभागों द्वारा की गई उन कार्रवाइयों का उल्लेख किया गया है, जिनके कारण कथित तौर पर समाचार पत्रों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई।
Chandigarh Press Club के पत्र संदर्भ संख्या: 501/CPC/30 दिनांक: 15 जनवरी 2026 में लिखा है कि
पंजाब के विभिन्न स्थानों पर प्रिंटिंग प्रेसों पर की गई छापेमारी, नियामक कदमों और प्रिंटिंग प्रेसों के बाहर पुलिस की तैनाती के कारण मीडिया के स्वतंत्र संचालन को लेकर आशंकाएँ पैदा हुई हैं।
Chandigarh Press Club ने यह भी संज्ञान लिया है कि पंजाब केसरी समूह ने इन कार्रवाइयों को अपनी संपादकीय स्वतंत्रता और रिपोर्टिंग से जोड़ते हुए इन्हें मीडिया पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने की एक लक्षित कार्रवाई बताया है। यदि यह सत्य है, तो ऐसी कार्रवाइयाँ स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया की नींव पर प्रहार हैं, जो लोकतंत्र का एक अनिवार्य स्तंभ है।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब इस बात पर बल देता है कि गैर-मीडिया व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े किसी भी मुद्दे का समाधान कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए, ताकि समाचार पत्रों के संचालन पर कोई प्रभाव न पड़े। संपादकीय या प्रकाशन गतिविधियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी प्रकार का दबाव चिंता का विषय है और प्रेस की स्वतंत्रता तथा लोकतांत्रिक मानदंडों के हित में इससे बचाया जाना चाहिए।
इस पत्र को चंडीगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष सौरभ दुग्गल ने जारी किया।
Chandigarh Press Club





