DM Suicide – सभी दल करेंगे CM आवास का घेराव
DM Suicide – जालंधर । पंजाब में सरकारी अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद चाहे राजनीति तेज हो गई है पर कुछ अच्छा ज़रूर हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने संयुक्त रूप से एक मंच पर आने का फ़ैसला किया है। अफ़सर की आत्महत्या पर सभी दलों ने सीएम आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। यह निर्णय एक बैठक के दौरान लिया गया, जहां सुनील जाखड़ ने प्रस्ताव रखा, जिसे प्रताप सिंह बाजवा और बिक्रम सिंह मजीठिया ने तुरंत समर्थन दिया। तीनों विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला किया है। आत्महत्या से पहले सामने आए एक वीडियो में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का नाम सामने आने से विवाद और गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार, भुल्लर की ओर से अपनी सफाई में एक वीडियो सार्वजनिक किया गया, जिसमें कथित तौर पर अधिकारी द्वारा 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात स्वीकार की गई है। हालांकि इस वीडियो ने मामले को शांत करने के बजाय कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि अधिकारी ने रिश्वत ली थी, तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या संबंधित विभाग या सरकार को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूझकर कोई कदम नहीं उठाया गया?
DM Suicide – पत्रों में क्या लिखा भुल्लर बारे
डीएम रंधावा ने अपने हस्तलिखित पत्रों में यह स्पष्ट किया कि उन्होंने ये शिकायतें उच्च अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक तंत्र को भेजीं, जिनमें मुख्य रूप से विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, निगरानी इकाइयाँ और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के शीर्ष स्तर तक बात पहुंचाने की कोशिश शामिल थी। पत्रों का विषय कार्यस्थल पर हो रहे दबाव, भ्रष्टाचार और व्यक्तिगत उत्पीड़न (personal harassment) से जुड़ा था। उन्होंने विशेष रूप से लालजीत सिंह भुल्लर के संदर्भ में आरोप लगाया कि उनके ऊपर अनुचित दबाव बनाया जा रहा था और एक कथित रिश्वत मामले (लगभग 10 लाख रुपये) को लेकर उन्हें फंसाने या ब्लैकमेल करने जैसी स्थिति पैदा की गई। रंधावा ने लिखा कि उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है, उनकी बात नहीं सुनी जा रही और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह रही कि उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी जताई और साफ शब्दों में संकेत दिया कि यदि उनके साथ कुछ अनहोनी होती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जांच होनी चाहिए। इन पत्रों में उन्होंने बार-बार निष्पक्ष जांच और संरक्षण की मांग की, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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DM Suicide – कहीं न कहीं मंशा दबाव या ब्लैकमेलिंग की भी
विशेषज्ञों का मानना है कि कई मामलों में अधिकारियों को चेतावनी देकर भी सुधरने का मौका दिया जाता है, लेकिन इस तरह वीडियो रिकॉर्ड करके रखना और बाद में सार्वजनिक करना इस बात की ओर संकेत करता है कि कहीं न कहीं मंशा दबाव या ब्लैकमेलिंग की भी हो सकती है। मामले का एक अहम पहलू वे चिट्ठियां भी हैं, जो कथित तौर पर गगनदीप सिंह रंधावा ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखी थीं। अब सवाल उन अधिकारियों पर भी उठ रहे हैं कि इन चिट्ठियों के मिलने के बाद उन्होंने क्या कार्रवाई की? क्या उन्होंने अपने से वरिष्ठ अधिकारियों या संबंधित मंत्री को इसकी जानकारी दी? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया था?
DM Suicide – निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
इस घटना के बाद आम लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद तीनों विपक्षी दल एक साथ खड़े होकर एक व्यक्ति की मौत के पीछे के कारणों की जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, यह भी चर्चा है कि सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक तंत्र की खामोशी ऐसे मामलों को जन्म देती है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है और कल होने वाला घेराव इस मामले को और गरमाने की संभावना है। विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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