जालंधर। Punjab Election : शिरोमणि अकाली दल और पंजाब बीजेपी में नजदीकी बढ़ रही है। कारण है हाल ही में अकाली दल ने महिला आरक्षण को निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (delimitation of constituencies ) से जोड़ने के केंद्र के रुख का समर्थन किया। यह अप्रैल में लिए गए उस रुख से बिल्कुल उलट है, जब पार्टी ने संविधान संशोधन बिल को गिराने के लिए विपक्ष का साथ दिया था।
पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद यह बदलाव आया है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले ये पुराने सहयोगी फिर से साथ आ सकते हैं।
चंडीगढ़ में अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद ‘X’ पर एक पोस्ट में बादल ने कहा कि पार्टी ने महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग की है।
हालांकि, केंद्र की योजना के तहत महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया के बाद, 2029 के लोकसभा चुनावों के दौरान ही लागू किया जा सकता है। वहीं, विपक्ष चाहता है कि आरक्षण को बिना परिसीमन के, आने वाले राज्य चुनावों से ही तुरंत लागू किया जाए।
बादल ने कहा कि उनकी पार्टी “निष्पक्ष और समान परिसीमन” चाहती है और राज्यों में सीटों में एक समान 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करती है।
बादल ने पोस्ट किया, “शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार द्वारा सदन में रखे गए उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी की बात कही गई थी।” “पार्टी ने जोर दिया कि महिला आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए।”
अप्रैल में संविधान संशोधन बिल के खिलाफ वोट करते समय, अकाली दल ने प्रस्तावित परिसीमन को पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण बताया था। उसने केंद्र पर महिला आरक्षण का इस्तेमाल “परिसीमन के लिए एक आड़” के तौर पर करने का आरोप लगाया था।
हालांकि, अकाली दल के इस रुख बदलने से संसद में नरेंद्र मोदी सरकार की संख्या बल में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी, क्योंकि लोकसभा में उसका केवल एक सदस्य है- पार्टी प्रमुख की पत्नी हरसिमरत कौर बादल।
संविधान संशोधन बिल को पास करने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। केंद्र ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह इस सत्र में,जो 13 अगस्त को खत्म हो रहा है, बिल को दोबारा पेश करेगा या नहीं।
बीजेपी प्रवक्ता आर.पी. सिंह के बोल-BJP पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी
बीजेपी या अकाली दल में से किसी ने भी अपने गठबंधन को फिर से शुरू करने के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। बीजेपी प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने शनिवार को अपनी पार्टी के इस रुख को दोहराया कि वह पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में मोगा में हुई एक रैली में यही बात कही थी।
बीजेपी प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि बादल और मोदी के बीच हुई मुलाक़ात पंजाब के हालात के संदर्भ में थी।
अकाली दल और बीजेपी ने सितंबर 2020 में अपना दो दशक से ज़्यादा पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इसकी वजह मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों पर असहमति थी।
किसानों के एक साल तक चले विरोध-प्रदर्शन के कारण केंद्र सरकार को 2021 में तीनों कानून वापस लेने पड़े, लेकिन ये दोनों पूर्व सहयोगी दल अलग ही रहे।
इससे पहले, यह गठबंधन 1997 से पंजाब में तीन बार सत्ता में रह चुका था। अकाली दल केंद्र में एनडीए का भी हिस्सा था।





