जालंधर। QURAN MUKAMMAL: पवित्र रमजान का महीना चल रहा है। इस महीने में मुस्लिम समाज पवित्र रमजान में रोजे रखता है और पांच वक्त की नमाज के साथ साथ ईशा की नमाज के साथ नमाज तरावीह पढ़ता है। एनआईटी जालंधर में नमाज ए तरावीह में 10 रोजा कुरान शरीफ मुकम्मल हुआ। कारी इमरान साहब ने कुरान शरीफ सुनाया और नमाज ए तरावीह पढ़ाई। इस मौके पर पंजाब मुस्लिम डेमोक्रेटिक फ्रंट के पंजाब अध्यक्ष अख्तर सलमानी भी पहुंचे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाज़ी मौजूद रहे, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
इस मौके पर कारी इमरान साहब ने कहा कि 10 रोजा कुरान शरीफ मुकम्मल हुआ है लेकिन तरावीह की नमाज पूरे रमजान तक पढ़नी है। नमाज, रोजा, तिलावत इबादत का खास ध्यान रखना है। इस दौरान गरीबों को इमदाद, फितरे, सदका, जकात, खैरात, का खास ध्यान रखना है। अपने कमजोर हालात वाले रिश्तेदारों का भी खास ध्यान रखना है और जितना हो सके जरूरतमंदों की बढ़-चढ़कर मदद करनी है। कारी इमरान साहब ने रमज़ान की फज़ीलत और उसकी अहमियत पर भी प्रकाश डाला।

अख्तर सलमानी ने कहा कि दुनिया में आज जो हालात चल रहे हैं खुदा अमन, सुकून व शांति अता फरमाए। अख्तर सलमानी ने कहा कि हर हाल में हमें आपसी भाईचारे को जिंदा रखना है। उन्होंने कहा कि आपसी प्यार व मोहब्बत मिलन-सारी, दुनिया में भारत की मिसाल है। इसको कायम रखना है। अपनी इस गंगा जमुनी तहजीब को जिंदा रखना है। कारी इमरान साहब ने इस मौके पर सब नमाजियों के साथ सबके लिए अपने देश के व दुनिया के लिए खुसूसी दुआएं कराईं।
उन्होंने बताया कि अल्लाह तआला ने रमज़ान के मुबारक महीने को तीन अशरों में बांटा है। पहला अशरा रहमत का, दूसरा मग़फिरत का और तीसरा जहन्नुम से निजात का होता है। उन्होंने इस महीने को साल के सभी महीनों से अफज़ल बताते हुए अधिक से अधिक इबादत करने की प्रेरणा दी।
दुआ में अफजाल अहमद, हाशिम अल्वी, समद सलमानी भी शामिल हुए।





