LPU : घर गए स्टूडेंट्स संशय में, वापसी को लेकर उठ रहे सवाल
जालंधर . LPU -लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से जुड़े एक कथित रेप और बाद में छात्रा के सुसाइड की सूचना को लेकर रात से तनाव और हंगामे की स्थिति बनी हुई है। सूचना फैलने के बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स एकत्रित हो गए और परिसर में नारेबाजी के साथ तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचने और एक मिठाई की दुकान से सामान ले जाने की भी सूचना है।
स्थिति बिगड़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस बुलाई, जिसने स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है। परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन अथवा मित्तल परिवार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के बीच कई तरह के सवाल और चिंताएं बनी हुई हैं।
हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
LPU में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं और बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल में भी रहती हैं। घटना की सूचना के बाद अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका सवाल है कि यदि यूनिवर्सिटी जैसे बड़े परिसर में अचानक ऐसी स्थिति बनती है तो विद्यार्थियों और उनके पेरेंट्स को तत्काल और सही जानकारी देने तथा अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन की व्यवस्था क्या है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के अलग-अलग WhatsApp और सोशल मीडिया ग्रुप में यदि कोई अपुष्ट सूचना फैलती है तो यूनिवर्सिटी प्रशासन को तुरंत आधिकारिक जानकारी देकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी तरह का डर या भ्रम पैदा न हो।
एम्बुलेंस और मेडिकल जानकारी को लेकर भी सवाल
घटनाक्रम के दौरान एम्बुलेंस आने की बात भी सामने आई। इसे लेकर कुछ लोगों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि किसी विद्यार्थी की तबीयत खराब हुई थी या उसे मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ी थी तो उसकी स्थिति और उपचार को लेकर स्पष्ट आधिकारिक जानकारी क्यों नहीं दी गई। अभिभावकों का कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी का किसी अस्पताल में इलाज हुआ है तो, उसकी गोपनीयता और कानूनी सीमाओं का ध्यान रखते हुए, यूनिवर्सिटी को कम से कम इतना स्पष्ट करना चाहिए कि मेडिकल इमरजेंसी क्या थी और विद्यार्थी की स्थिति अब कैसी है। इससे अफवाहों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
1 अक्टूबर से शुरू होने हैं पेपर, छात्रों की वापसी को लेकर संशय
वहीं, यूनिवर्सिटी में 1 अक्टूबर से परीक्षाएं शुरू होने की बात कही जा रही है। इन दिनों छुट्टियों के कारण कई विद्यार्थी अपने घरों को गए हुए थे। अब घटनाक्रम के बाद उनके वापस लौटने और परीक्षाएं निर्धारित समय पर होंगी या नहीं, इसे लेकर भी विद्यार्थियों और अभिभावकों में संशय है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है ? क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन सामने आकर बात करेगा ये फिर पैसे या पवेर का प्रयोग कर बात दबा दी जाएगी।





