By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Telescope TimesTelescope TimesTelescope Times
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Reading: माता-पिता का अफेयर बच्चे की कस्टडी में बाधा नहीं, पर संतान को इससे हानि न हो : दिल्ली हाईकोर्ट
Share
Font ResizerAa
Telescope TimesTelescope Times
Search
  • Home
  • Recent Post
  • My Punjab
  • National
  • International
  • Cover Story
  • Health & Education
  • Web Stories
  • Art/Cinema & More
    • Science & Tech
    • Food & Travel
    • Fashion & Style
    • Sports & Stars
  • E-Paper Telescope Times
Have an existing account? Sign In
Follow US
Telescope Times > Blog > Crime & Law > माता-पिता का अफेयर बच्चे की कस्टडी में बाधा नहीं, पर संतान को इससे हानि न हो : दिल्ली हाईकोर्ट
Crime & Law

माता-पिता का अफेयर बच्चे की कस्टडी में बाधा नहीं, पर संतान को इससे हानि न हो : दिल्ली हाईकोर्ट

The Telescope Times
Last updated: February 4, 2024 8:50 am
The Telescope Times Published February 4, 2024
Share
SHARE

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि माता-पिता में से किसी एक का अफेयर है तो यह बात बच्चे की कस्टडी में बाधा नहीं हो सकती पर इससे संतान को हानि नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा, व्यभिचारी जीवनसाथी का मतलब अयोग्य माता या पिता नहीं है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने कहा कि जब माता-पिता की ओर से व्यभिचार साबित हो जाता है, तब भी उन्हें बच्चे की कस्टडी से वंचित नहीं किया जा सकता। जब तक कि यह साबित न हो जाए कि इस तरह के रिश्ते बच्चे के लिए हानिकारक हैं।

एक दंपती ने क्रॉस याचिका दायर कर हाईकोर्ट में पारिवारिक अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें दोनों को संयुक्त रूप से उनकी दो नाबालिग बेटियों की कस्टडी सौंपी गई थी। कोर्ट ने कहा, सरकारी सेवा में कार्यरत माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए समान रूप से रखा गया है। इसलिए अदालत को बच्चों की संयुक्त कस्टडी देने के पारिवारिक अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं मिला।

मामले में पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसका पति गैर-जिम्मेदार है। वह करीब ढाई साल तक उसे और दोनों बेटियों को छोड़कर भाग गया था। उसने दावा किया कि उसके पति की बहन ने बच्चों का अपहरण कर लिया और उसे ससुराल से निकाल दिया था। इस वजह से उसने बच्चों की कस्टडी के लिए याचिका दायर की। इस बीच पति ने दावा किया कि मां गैर-जिम्मेदार है। वह नाबालिग बेटियों की देखभाल नहीं करती थी।

मां द्वारा उपेक्षा का सबूत नहीं

अदालत ने मामले में पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूत दर्शाते हैं कि मां अक्सर अपना समय तीसरे व्यक्ति के साथ बिताती थी। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता पति के लिए मां भले ही वफादार पत्नी नहीं रही होगी, लेकिन इससे यह नतीजा नहीं निकलता कि वह नाबालिग बच्चों की देखभाल के लिए अयोग्य है। खासकर जब कोई सबूत नहीं लाया गया हो। यह भी साबित नहीं हो पाया कि बच्चों की देखभाल करने में मां उपेक्षा करती थी, या उसके आचरण के कारण बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

You Might Also Like

MSP PIL पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस, जवाब माँगा

LPU पर ED की RAID; AAP सांसद अशोक मित्तल से Linked अन्य 9 जगहों पर भी छापामारी

KIDNEY RACKET JALANDHAR : PUNJAB GOVT से सवाल- जब DRME ने लाइसेंस कैंसिल किया तो दोबारा कैसे दिया

mysterious illness : रहस्यमयी बीमारी से 5 बच्चों की मौत, 8 का इलाज जारी

JASVEEN SANGHA केटामाइन ड्रग्स बेचने की दोषी, 15 साल रहेंगी जेल में

TAGGED:custodydelhi highcourt
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
newsletter featurednewsletter featured

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Popular News
P.T. Usha
Sports & Stars

P.T. Usha ने कोषाध्यक्ष को नोटिस भेजा, Olympic Association में कुछ तो गड़बड़ चल रहा !

The Telescope Times The Telescope Times September 13, 2024
देश भर में 3 दिन से जारी बस -ट्रक ड्राइवर आंदोलन ख़त्म
Somnath Jyotirling 2 मार्च को जालंधर में, दर्शन के लिए ऑनलाइन टोकन लेना होगा
Post Matric Scholarship : 256 संस्थानों को 59.34 करोड़ रुपए बाँटे
RTE : 12वीं तक मुफ्त-अनिवार्य शिक्षा प्रावधान को बढ़ाने पर GOVT गंभीर नहीं
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

INDIA

Confirmed

45M

Death

533.3k

More Information:Covid-19 Statistics

About US

The Telescope is an INDEPENDENT MEDIA platform to generate awareness among the masses regarding society, socio-eco, and politico.

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

© 2023 Telescopetimes. All Rights Reserved.
  • About
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?