जालंधर। DBA JALANDHAR ELECTION /जिला बार एसोसिएशन (डीबीए) जालंधर के चुनाव में अब मुकाबला निर्णायक दौर की ओर बढ़ रहा है। 11 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए 2 और 3 सितंबर को उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए थे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी उम्मीदवारों ने प्रचार और व्यक्तिगत संपर्क तेज कर दिया है।
सनद रहे 5 सितंबर को दोपहर 1 से 2 बजे तक नामांकन पेपरों की जांच होगी और इसी दिन नामांकन पेपर दोपहर 2 से 3 बजे तक वापिस लिए जा सकेंगे। 5 सितंबर को ही सभी एग्जीक्यूटिव कैंडिडेट्स को सीरियल नंबर भी मिल जायेंगे। अब अगर एक दो कैंडिडेट्स भी पर्चा वापस ले लेते हैं तो तस्वीर कुछ और ही बनेगी।
मालूम हो प्रधान पद के लिए राजेंद्र कुमार, रतन दुआ और तरसेम सिंह के बीच मुकाबला है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए एडवोकेट कुनाल गोयल और सन्नी कुमार आमने-सामने हैं। वहीं जूनियर वाइस प्रेसिडेंट पद पर हरमनप्रीत सिंह जौहल, प्रदीप कुमार शर्मा समेत उम्मीदवार मैदान में हैं।
वाइस प्रेसिडेंट (महिला) पद के लिए छाया खुल्लर और सुदेश कुमारी चुनाव लड़ रही हैं। सेक्रेटरी पद पर अमरिंदर सिंह थिंद और राकेश धीर के बीच मुकाबला है। ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए धीरज कुमार और भगत कृष्ण कुमार शर्मा, जबकि असिस्टेंट सेक्रेटरी पद पर मधु बाला शर्मा और रवीना सेठी मैदान में हैं।
फोन कॉल के साथ-साथ व्यक्तिगत संपर्क
चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष होने के कारण उम्मीदवारों ने वन-टू-वन कैंपेन पर जोर दिया है। प्रत्याशी और उनके समर्थक लगातार अलग-अलग चैंबरों में जाकर अधिवक्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। फोन कॉल के साथ-साथ व्यक्तिगत संपर्क के जरिए भी वोट और समर्थन मांगा जा रहा है। कई उम्मीदवार समर्थकों के घर जाकर भी संपर्क साध रहे हैं।
खास बात यह रही कि छुट्टी के दिन भी कोर्ट परिसर में चुनावी गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं। कुछ चैंबर खुले नजर आए और वहां उम्मीदवारों व समर्थकों के बीच चुनाव को लेकर चर्चा होती दिखाई दी। आने वाले दिनों की रणनीति, संभावित वोटरों से संपर्क और प्रचार को प्रभावी बनाने को लेकर बैठकों का दौर भी चलता रहा।
डीबीए चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अब हर दिन महत्वपूर्ण है। उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों और एजेंडे के साथ अधिवक्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में अंतिम दिनों में होने वाला व्यक्तिगत संपर्क और वोटरों का रुख चुनाव के परिणाम पर अहम असर डाल सकता है। 11 सितंबर को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि डीबीए जालंधर की नई टीम का नेतृत्व किसके हाथ में जाता है।





