गिरफ्तार व्यक्तियों को हथियार हासिल करने और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का सौंपा गया था काम: एस.एस.पी. Hoshiarpur संदीप मलिक
चंडीगढ़/Hoshiarpur, 23 जनवरी:
गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र पाकिस्तान की आई.एस.आई. समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए Hoshiarpur पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सी.आई.), जालंधर के साथ संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बी.के.आई.) से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान मॉड्यूल के चार कार्यकर्ताओं को लगभग 2.5 किलोग्राम वज़न वाले आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आई.ई.डी.) सहित गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह उर्फ हैरी उर्फ हरी, अजय उर्फ महिरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। ये सभी एस.बी.एस. नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी हैं। आरडीएक्स-आधारित आई.ई.डी. के अलावा पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से दो पिस्तौल भी बरामद की हैं।
डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि यह आतंकी मॉड्यूल अमेरिका-आधारित बी.के.आई. हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच से यह सामने आया है कि बरामद आई.ई.डी. का इस्तेमाल आगामी गणतंत्र दिवस समारोहों को ध्यान में रखते हुए एक सुनियोजित आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे और पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
ऑपरेशन से संबंधित जानकारी साझा करते हुए Hoshiarpur के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एस.एस.पी.) संदीप मलिक ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर होशियारपुर पुलिस और सी.आई. जालंधर की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से आरडीएक्स-आधारित आई.ई.डी. तथा दो पिस्तौल बरामद कीं।
एस.एस.पी. ने आगे बताया कि जांच से यह भी सामने आया है कि विदेश-आधारित बी.के.आई. हैंडलरों ने एक आतंकी मॉड्यूल स्थापित किया था, जिसे अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों के रास्ते हथियारों की तस्करी के बाद उन्हें प्राप्त करने और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का कार्य सौंपा गया था। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
इस संबंध में Hoshiarpur के गढ़शंकर पुलिस थाना में बी.एन.एस. की धाराएं 113(1) और 113(3), आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 और 25(1बी)(ए) तथा भारतीय विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 4 और 5 के तहत एफआईआर नंबर 11, दिनांक 23/01/2026 दर्ज की गई है।





