ग्वालियर . Human Trafficking -पुलिस ने मानव तस्करी के लिए ले जाईं जा रहीं 4 महिलाएं बचा लीं और 2 पुरुष पकड़े हैं। पुलिस ने एक सूचना और शक के आधार पर इनको पकड़ा है।
जानकारी के अनुसार, एक ट्रेन से इन नागरिकों को बचाया गया। पुलिस को शक हुआ कि उनके साथ यात्रा कर रहे दो आदमी किसी नेटवर्क का हिस्सा हैं जो बांग्लादेश के एक रिफ्यूजी कैंप से महिलाओं को जम्मू और कश्मीर में शादी के लिए भारत ला रहा था।
गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मुबीन, 25, और मोहम्मद हसन, 35 के तौर पर हुई है, और यह जांच शुरू कर दी है कि म्यांमार की महिलाएं भारत में कैसे आईं और क्या वे ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार थीं। ग्वालियर की है जहाँ की ट्रेन में इन्हें ले जाया जा रहा था।
इन चार महिलाएं की उम्र 18 साल से ज़्यादा ज्यादा है जो स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थीं। ग्वालियर GRP की एक टीम ने म्यांमार से महिलाओं को भारत लाने वाले दो आदमियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद ट्रेन की तलाशी ली।
GRP के एक बयान के मुताबिक, स्टेशन इंचार्ज दीपिका तोमर की लीडरशिप में पुलिस टीम ने मुबीन से पूछताछ की, जिसने बताया कि वह हैदराबाद में रहता है और उसके पास यूनाइटेड नेशंस रिफ्यूजी कार्ड है।
बयान में कहा गया है कि मुबीन ने पुलिस को बताया कि हसन भी ट्रेन में यात्रा कर रहा था और बांग्लादेश के कुटुपालोंग रिफ्यूजी कैंप से महिलाओं को भारत लाने में शामिल था।
इसके बाद पुलिस को उन दो आदमियों के साथ चार औरतें मिलीं। पुलिस ने बताया कि औरतों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें जम्मू और कश्मीर ले जाया जा रहा था, जहाँ उनकी शादियाँ तय हो गई थीं।
GRP को शक है कि औरतों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क के तहत भारत लाया गया होगा। इन्वेस्टिगेटर अब यह पता लगा रहे हैं कि उन्हें देश में कैसे लाया गया और क्या गिरफ्तार किए गए दोनों आदमी किसी बड़े ट्रैफिकिंग ऑपरेशन में शामिल थे।





