जालंधर। DBA JALANDHAR ने महिला दिवस पर सेमीनार करवाया। इसमें वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकारों और उनके कर्तव्यों पर विस्तार से रोशनी डाली। मुख्य रूप से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता दयाल प्रताप सिंह रंधावा, राम छाबड़ा जी, ADVOCATE गुरिंदर सिंह परुथी और पंजाब एंड हरियाणा बार कौंसिल की कैंडिडेट NIMRATA GILL ने अपने विचार रखे।
अधिवक्ता दयाल प्रताप सिंह रंधावा ने इस अवसर पर कहा कि यह दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा यह समाज में लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि हालाँकि कोई भी दिन महिलाओं के बिना पूरा नहीं पर फिर भी एक दिन हम उनके योगदान को सेलिब्रेट कर सकते हैं।
पंजाब एंड हरियाणा बार कौंसिल की कैंडिडेट NIMRATA GILL ने कहा कि ऐसे मौकों पर हम महिलाओं को उनके
अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं। यह दिन हमें शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने साथ ही कहा कि यह दिन महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का अवसर भी देता है।

ADVOCATE गुरिंदर सिंह परुथी ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रोत्साहित करता है। दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों, समानता, सम्मान और उनके सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत सी महिलाओं को उनका बनता हक़ दिया जाना बाकि है। हमें उस तरफ भी काम करना चाहिए।

उन्होंने इतिहास पर नज़र डाली और बताया कि 20वीं सदी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत हुई। दरअसल 1908 में कामकाजी महिलाओं ने अपने अधिकारों के लिए जमकर प्रदर्शन किया था। सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने न्यूयॉर्क में 1908 में वर्कर्स को सम्मान देने के मकसद से ये दिन चुना था। वहीं यूरोप में महिलाओं ने 8 मार्च को पीस एक्टिविस्ट्स को सपोर्ट करने के लिए रैलियां निकाली थीं। इस वजह से हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। 1911 में जर्मनी, आस्ट्रिया, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। वहीं 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दे दी।

इस मौके पर उपस्थिति में बलविंदर जीत सिंह लक्की, करमपाल सिंह, ओम प्रकाश शर्मा, के डी सिंह, दर्शन सिंह ढिल्लों, रणबीर सिंह, अधिवक्ता रविंदर कौर, मंजू बाला, अंजू बाला, बलबीर सिंह, ADVOCATEबीना रानी, सुषमा देवी, अमनदीप कौर, मंजीत कौर परमार आदि शामिल रहे।





